
खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के बेटे को लॉरेंस गैंग से धमकी, मांगी 3 करोड़ की फिरौती




खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के बेटे को लॉरेंस गैंग से धमकी, मांगी 3 करोड़ की फिरौती
खुलासा न्यूज़। खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के बेटे को कुख्यात लॉरेंस गैंग की ओर से जान से मारने की धमकी और फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने विदेशी नंबरों से कॉल और मैसेज कर 3 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की है। खाटूश्यामजी थाना SHO इंस्पेक्टर पवन कुमार चौबे ने बताया कि पूर्व कोषाध्यक्ष कालू सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह चौहान की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विदेशी नंबरों के आधार पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पीड़ित मानवेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 जनवरी को वह खाटू मंदिर परिसर के पास स्थित अपने होटल श्याम निवास के कमरे में थे। शाम करीब 4:05 बजे उनके व्हाट्सऐप पर एक विदेशी नंबर से “Hi” मैसेज आया, जिस पर उन्होंने सामान्य रूप से जवाब दे दिया। इसके बाद 4 जनवरी को दोपहर 1:27 बजे उसी नंबर से “Call me” का मैसेज आया। श्याम भक्त समझकर जब उन्होंने कॉल किया तो कॉल कट हो गया। कुछ देर बाद 1:29 बजे उसी नंबर से दोबारा कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने धमकी दी। धमकी देने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर, लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए कहा कि उसे मानवेंद्र के रहने, गतिविधियों, घर और संपत्ति की पूरी जानकारी है। उसने चेतावनी दी कि यदि कल शाम तक 3 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सेटलमेंट नहीं किया गया तो जान से मार दिया जाएगा। उसने गोलियों और ग्रेनेड से हमला करने की भी धमकी दी।
मानवेंद्र ने यह भी बताया कि 23 दिसंबर 2025 को मंदिर कमेटी के चुनावों में कथित धांधली को लेकर उन्होंने सीकर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की थी। इस ज्ञापन में उन्होंने मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान, ट्रस्टी नरेंद्र सिंह चौहान और निर्वाचन अधिकारी मोहन सिंह के खिलाफ शिकायत की थी, साथ ही शक्ति सिंह चौहान को अध्यक्ष और रवि सिंह चौहान को गलत तरीके से कोषाध्यक्ष बनाए जाने का आरोप लगाया था। मानवेंद्र का आरोप है कि इसी घटनाक्रम के बाद उन्हें जानलेवा धमकी और फिरौती की कॉल्स आनी शुरू हुईं। पीड़ित ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, न ही उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड है। वह न तो कोई बड़ा कारोबारी हैं और न ही किसी आपराधिक गिरोह से उनका कोई संबंध है। इसके बावजूद इतने बड़े आपराधिक संगठन से धमकी मिलना उनके लिए बेहद चौंकाने वाला और डराने वाला है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।




