[t4b-ticker]

युवक पर लगा नाबालिग लड़की को भागकर ले जाने का आरोप, कोर्ट ने किया आरोपित को बरी

युवक पर लगा नाबालिग लड़की को भागकर ले जाने का आरोप, कोर्ट ने किया आरोपित को बरी

बीकानेर। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में जिला न्यायाधीश रैना शर्मा ने आरोपित तिलोकाराम उर्फ तिलोकराम को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा। यह मामला पुलिस थाना नयाशहर से जुड़ा है। वर्ष 2018 में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को आरोपित घर से भगा ले गया है। पुलिस ने मामले में अपहरण एवं विवाह के लिए विवश करने की धाराओं में चालान पेश किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसके पिता और मां तीनों ही अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। पीड़िता ने न्यायालय में बयान देते हुए कहा कि वह आरोपित के साथ अपनी मर्जी से गई थी और बालिग होने के बाद उससे विवाह कर लिया। उसने यह भी बताया कि वर्तमान में वह आरोपित के साथ सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही है और उनके बच्चे भी हैं।
जांच अधिकारी ने भी कोर्ट में स्वीकार किया कि पीड़िता द्वारा पुलिस एवं मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयानों में जबरन भगाकर ले जाने का कोई उल्लेख नहीं है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया तथा अपहरण या जबरन विवाह के लिए विवश करने के ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हुए। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने आरोपित को बरी करते हुए पीड़िता को किसी भी प्रकार का मुआवजा देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि पीड़िता और उसके परिजनों की गवाही विश्वसनीय नहीं पाई गई। आरोपित की ओर से अधिवक्ता श्याम सोलंकी ने पैरवी की।

Join Whatsapp