
पूर्व कलेक्टर अरेस्ट, 1500 करोड़ की जमीन घोटाले का मामला, डिप्टी तहसीलदार के साथ 1 करोड़ लेने का आरोप




पूर्व कलेक्टर अरेस्ट, 1500 करोड़ की जमीन घोटाले का मामला, डिप्टी तहसीलदार के साथ 1 करोड़ लेने का आरोप
सुरेंद्रनगर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने 1500 करोड़ रुपए के जमीन घोटाले के मामले में गुजरात में सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र पटेल को अरेस्ट किया है। शुक्रवार को ईडी की तीन टीमें गांधीनगर स्थित राजेंद्र पटेल के आवास पर पहुंचीं, जहां पहले उनसे पूछताछ की गई।
हाल ही में ईडी की टीम ने सुरेंद्रनगर के कलेक्टर राजेंद्र पटेल के अलावा उनके पीए जयराजसिंह झाला, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी और क्लर्क मयूरसिंह गोहिल के घर पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान मोरी के घर से 60 लाख से अधिक का कैश भी जब्त किया गया था। यह कैश बेडरूम में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद 23 दिसंबर को पीएमएलए की धारा 17 के तहत दर्ज अपने बयान में मोरी ने माना था कि जब्त किया गया कैश रिश्वत का पैसा है, जो आवेदकों से सीधे या बिचौलियों के जरिए लिया गया था।
ईडी की पूछताछ में मोरी ने बताया था कि रिश्वत का 50 प्रतिशत हिस्सा जिला कलेक्टर को मिला था। 10 प्रतिशत उन्होंने खुद रखा और बाकी रकम रेजिडेंट एडिशनल कलेक्टर आरके ओझा (25 प्रतिशत), तहसीलदार मयूर दवे (10 प्रतिशत) और क्लर्क मयूरसिंह डी. गोहिल (5 प्रतिशत) को दी गई थी। मोरी का कहना था कि सारा हिसाब-किताब कलेक्टर का पीए जयराजसिंह झाला तय करता था।




