
कांग्रेस विधायक के फीता काटने पर नाराज हुईं भाजपा जिलाध्यक्ष, बोलीं- अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगी, मजाक समझकर रखा है




कांग्रेस विधायक के फीता काटने पर नाराज हुईं भाजपा जिलाध्यक्ष, बोलीं- अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगी, मजाक समझकर रखा है
मकराना। डीडवाना-कुचामन जिले में मकराना से कांग्रेस विधायक और बीजेपी जिलाध्यक्ष में विवाद हो गया। विवाद मकराना उपजिला अस्पताल में डायलिसिस रूम का फीता काटने को लेकर हुआ।
समारोह के दौरान अतिथियों के नाम बोलते समय पहले बीजेपी जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ का नाम बोला गया। इस पर MLA जाकिर हुसैन गैसावत नाराज हो गए। उन्होंने बीच में ही रोकते हुए कहा- यह प्रोटोकॉल के खिलाफ है। यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं है।
कार्यक्रम में प्रधान सुमिता भींचर भी मौजूद थीं। इसके बाद उद्घाटन के समय विधायक ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए डायलिसिस रूम का फीता काट दिया। इससे जिलाध्यक्ष नाराज हो गईं। उन्होंने मौके पर ही अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामनिवास आंवला को खरी-खोटी सुना दी। उन्होंने कहा- मैं अपना और मेरी पार्टी का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगी। मजाक समझ रखा है क्या?
जिलाध्यक्ष बोलीं- तीन कैंचियां मंगाकर रखते
सुनीता रांदड़ ने पीएमओ को ऊंची आवाज में कहा- ये सरकारी कार्यक्रम है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, ये पता होना चाहिए सबको। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगी। आई हूं, जब से देख रही हूं। ये प्रोटोकॉल की बात करते हैं तो जिलाध्यक्ष का क्या प्रोटोकॉल होता है, वो पता होना चाहिए। मजाक समझ कर रखा है।
आप यहां बुलाकर मेरी पार्टी का अपमान कर रहे हैं। प्रधान मुझसे आगे कैसे जाएगी, ये मेरी टीम की उपाध्यक्ष है। और अगर इतना ही कैंचियों से काटने का शौक है तो फिर तीन कैंचियां मंगवाकर रखते आप।
विधायक बोले- चुनाव लड़कर आओ, फिर पता चलेगा
कार्यक्रम के बाद मीडिया से विधायक गैसावत ने कहा- मेरे पास यहां के इंचार्ज का उद्घाटन के लिए फोन आया था। इसलिए मैं यहां आया और मुझे बहुत खुशी है। मैंने यहां पर मशीनों और उपकरणों के लिए बार-बार विधानसभा में खड़े होकर बोला है। जब मैं पहले विधायक था, तब इस हॉस्पिटल को मैंने 30 बेड से 60 बेड में अपडेट करवाया। ये छुटपुटिया नेता हैं, इनको पता ही नहीं होता सरकार की क्या पॉलिसी होती है?
उन्होंने कहा- मैं भी नागौर और डीडवाना जिले का जिलाध्यक्ष रहा हूं। आप जिलाध्यक्ष हो तो अपनी पार्टी के कार्यक्रमों में लोकार्पण करो। पार्टी कार्यालय में लोकार्पण करो। हॉस्पिटल का लोकार्पण सरकारी प्रोग्राम है, यहां प्रोटोकॉल होता है विधायक का, प्रधान का। अगर विधायक प्रतिनिधि भी है तो कोई दिक्कत नहीं। आप एक चुनाव लड़कर आओ, फिर पता चलेगा।
विवाद के बाद सोनोग्राफी रूम और दवा वितरण केंद्र का भी फीता काटकर उद्घाटन किया गया।




