
ट्रोमा सेंटर में हुई मारपीट के मामले में डॉक्टर को क्लीन चिट, हेल्पर ने की थी मरीज के साथ मारपीट




ट्रोमा सेंटर में हुई मारपीट के मामले में डॉक्टर को क्लहन चिट, हेल्पर ने की थी मरीज के साथ मारपीट
बीकानेर । जिले में शीतलहर प्रबंधन के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन सुरेश कुमार यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।पीडि़त पक्ष के बयान नहीं, जबकि वीडियो में लगाया मारपीट का आरोप
देराजसर निवासी गोपाल ने वायरल वीडियो में मारपीट करने का आरोप डॉक्टर व अन्य पर लगाया है। गोपाल का कहना है कि मां को डांटने पर उसने केवल डॉक्टर के चेहरे को छुआ था। इस बात से नाराज होकर उसके साथ मारपीट की। कमेटी ने वायरल वीडियो की जांच कर केवल एक पक्ष के ही बयान लिए हैं, जबकि पीडि़त पक्ष के भी बयान होने चाहिए थे।
पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में मरीज के साथ मारपीट के वायरल हो रहे वीडियो की जांच रिपोर्ट अधीक्षक को सौंप दी गई है। कमेटी ने रेजिडेंट डॉक्टर को क्लीन चिट देते हुए बताया है कि मरीज को पीटने वाला दवा वितरण केंद्र पर काम करने वाला हेल्पर था।
कमेटी के अनुसार सोमवार देर रात देसराजसर निवासी गोपालराम अपनी मां भीखी देवी के साथ इलाज के लिए आया था। कैजुअल्टी में उसने ऑर्थो के रेजिडेंट डॉक्टर कमल किशोर के हाथ लगाया। इसे लेकर वहां तू-तू, मैं-मैं के साथ दोनों के बीच धक्का-मुक्की हुई। उसी दौरान वहां खड़े अन्य बाहरी लोग युवक को पकडक़र बाहर ले गए।
वायरल वीडियो में युवक के बाल पकडक़र उसे पीटने वाला ट्रॉमा के डीडीसी का हेल्पर था। इस संबंध में कमेटी ने उस रात ड्यूटी डॉक्टर कमल किशोर, डॉ. प्रकाश और सीएमओ डॉ. संजय तंवर के बयान दर्ज किए हैं। घटनाक्रम की रिपोर्ट तीनों से लिखित में ली गई है।
रिपोर्ट में कहा है कि युवक के साथ डॉक्टर ने किसी तरह की मारपीट नहीं की। घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाए गए हैं, जिसमें धक्का-मुक्की और हंगामे का सीन बताया जा रहा है। कमेटी में ऑर्थो के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र चौपड़ा, ट्रॉमा के मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. लवलीन कपिल को शामिल किया गया।
शीतलहर प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त




