
आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन




बीकानेर। आज दिनांक 24/12/ 2025 को आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें कि अरावली पर्वत श्रृंखला के बारे में हाल के सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले से हम सब नागरिकों में एक भय व्याप्त हो गया है। जैसा कि हम सब की जानकारी में है अरावली पर्वत श्रृंखला पृथ्वी की सब से पुरानी पर्वतमाला में से एक है और अब तक की सभी सरकारों के कार्यकाल में इस को सहेजने के प्रति एक उदासीनता देखी गई है।
सभी राजनैतिक पार्टियों के कार्यकाल में इस पर्वतमाला में वैध अवैध खनन होता आया है और इस पर्वतमाला का हृदय छलनी कर दिया गया है। अरावली पर्वत को 2010 में भी कांग्रेस की सरकार ने माइनिंग माफिया और भू माफिया को देने का प्रयास किया था लेकिन उस समय कांग्रेस की अरावली पहाड़ बेचने की योजना सफल नहीं हुई लेकिन अब बीजेपी की सरकार ने पहाड़ बेचने की कांग्रेस की योजना को क्रियान्वित कर दिया है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है कि 100 मीटर से ऊपर वाले पहाड़ को ही सिर्फ अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा माना जाएगा और इसका मतलब की 100 मीटर से नीचे वाले जितने भी पहाड़ और जंगल हैं वहां पर माइनिंग से लेकर अन्य व्यवसायिक गतिविधियां और जमीन बेचना वहां पर मकान और बिल्डिंग बनाना सब कानूनी रूप से वैध हो जाएगा, 100 मीटर से ऊपर वाली अरावली पहाड़ी मात्र 8% है और 92% अरावली पर्वत 100 मीटर से नीचे ही हैं।
साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने Critical Atomic Minerals की माइनिंग के लिए जिस Sustainable Mining की बात की है वो इंगित करता है कि वर्तमान केंद्रीय सरकार इसे कुछ चुनिंदा व्यक्तियों को सौंपना चाहती है।
आम आदमी पार्टी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की आड़ में केंद्र सरकार द्वारा कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को देश की संपदा के दोहन की अनुमति देने की इस तैयारी का विरोध करती है।
केंद्र सरकार जनहित और देश की प्राकृतिक संपदा के हिताय एक अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट सकती है। आप से अनुरोध है कि केंद्र सरकार को अरावली पर्वत श्रृंखला वाले मुद्दे पर ऑर्डिनेंस लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुरंत प्रभाव से पलटने को निर्देशित करें। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सतनारायण देवड़ा सरवन ढोंगीवाल संजय पाल मुराद अली सेल्वीर अली इमरान नागोरी मोहन राठौड़ आदि कार्यकर्ता मौजूद थे



