
लूट और मारपीट प्रकरण में दोनों आरोपी बरी, बीकानेर एससी-एसटी कोर्ट का फैसला




लूट और मारपीट प्रकरण में दोनों आरोपी बरी, बीकानेर एससी-एसटी कोर्ट का फैसला
खुलासा न्यूज़, नोखा। भामटसर गांव में वर्ष 2015 में हुई लूट और मारपीट की वारदात में विशेष एससी-एसटी कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। विशिष्ट न्यायाधीश विकास कालेर की अदालत ने दोनों अभियुक्तों शिवलाल पुत्र रामेश्वरलाल और महावीर पुत्र किशनाराम, दोनों निवासी भामटसर, को साक्ष्य के अभाव में एससी-एसटी अधिनियम के तहत लगे आरोपों से पूर्णतः बरी कर दिया।
यह था मामला
घटना 12 जून 2015 की रात की है। परिवादी मनोज कुमार ने रिपोर्ट दी थी कि वह और उसका साथी कन्हैयालाल सारण पेट्रोल पंप पर ट्रक खड़ा कर गांव की गुवाड़ की ओर जा रहे थे। उसी दौरान शिवलाल और एक अन्य व्यक्ति (जिसके मुंह पर कपड़ा बंधा था) ने उन पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान हमलावरों ने 78 हजार रुपए लूट लिए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। इस पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
10 साल बाद आया फैसला
करीब 10 वर्ष तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष एससी-एसटी अधिनियम के तहत आरोप साबित करने में असफल रहा। इसलिए दोनों अभियुक्तों को इस गंभीर धारा से बेकसूर मानते हुए बरी कर दिया गया।
पहले ही हो चुका था समझौता
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आईपीसी की धाराएं 341, 323/34 और 325/34 (गलत तरीके से रोकना, मारपीट करना और गंभीर चोट पहुंचाना) के आरोपों से दोनों अभियुक्त पहले ही पक्षकारों के बीच समझौते के बाद बरी किए जा चुके हैं।
अदालत ने अभियुक्तों के जमानत मुचलके निरस्त करते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से रिहा करने के आदेश दिए। अभियुक्तों की ओर से पैरवी अधिवक्ता गोपाल चौधरी ने की।




