
19 मई से आंशिक तौर पर घरेलू उड़ानें शुरु होने की संभावना





नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच सीमित ट्रेन सर्विस बहाली के बाद सरकार अब हवाई यात्रा को भी शुरू करने की तरफ बढ़ रही है। एविएशन मिनिस्ट्री ने इसके लिए संबंधित हितधारकों से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेजर पर सुझाव मांगे हैं। कमर्शल फ्लाइट्स 25 मार्च से ही निलंबित हैं। इस बीच एयर इंडिया ने 19 मई से आंशिक तौर पर घरेलू उड़ानों को शुरू करने जा रही है। इतना तय है कि अब प्री-कोरोना टाइम जैसे नियम तो नहीं होंगे। हवाई यात्रा बहाल तो होगी लेकिन कुछ अलग नियमों के साथ। आइए देखते हैं कि नियमों में किस तरह के बदलाव हो सकते हैं।
पहले ऑटो, टॅक्सी और बस सर्विस चलने का बन्दोबस्त करना चाहिये ताकि लोग अपने घर से स्टेशन या ऐरपोर्ट पहुंच सके. लगता है कि सरकार पहले धनवानों की चिंता कर रही है, गरीबों की नही, जबकि
एयर इंडिया देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 19 मई से 2 जून तक एक विशेष अभियान चलाएगी। ज्यादातर उड़ानें, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नै के लिए होंगी। कोच्चि से चेन्नै के लिए 19 मई को एक उड़ान, दिल्ली के लिए 173 उड़ानें, मुंबई के लिए 40, हैदराबाद के लिए 25, कोच्चि के लिए 12 उड़ानें संचालित होंगी। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि शेड्यूल तैयार है और हम नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
एयर इंडिया की 19 मई से स्पेशल घरेलू उड़ानें
फ्लाइट के समय से कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचने की व्यवस्था हो सकती है।
शुरुआत में सिर्फ वेब चेक-इन को इजाजत दिए जाने की संभावना है।
इसके अलावा यात्रियों के लिए टर्मिनल में प्रवेश से पहले मास्क, ग्लव्स जैसे सुरक्षा के उपायों से लैस होने को कहा जा सकता है।
टर्मिनल पर क्या हो सकते हैं नियम
एयरपोर्ट पर चेक-इन काउंटर डिपार्चर से 3 घंटे पहले और फ्लाइट टाइम से घंटे से सवा घंटे पहले बंद किए जा सकते हैं।
एंट्री और बोर्डिंग पॉइंट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था संभव है।
वैसे यात्रा या स्टाफ जिनमें कोरोना जैसे लक्षण मिलेंगे या फिर उनके आरोग्य सेतु ऐप में ग्रीन सिग्नल नहीं मिलेगा उन्हें एयरपोर्ट में जाने की इजाजत नहीं होगी।
पहले चरण में 80 साल से ज्यादा उम्र के यात्रियों को इजाजत नहीं होगी।
यात्रियों को कोविड-19 से जुड़ी प्रश्नावली को भरने के लिए दिया जा सकता है। इसमें उनसे यह जानकारी मांगी जा सकती है कि क्या उनकी कोरोना की कोई पास्ट-हिस्ट्री है, क्या वे पिछले एक महीने में क्वारंटीन हुए हैं। अगर कोई यात्री पिछले एक महीने में कभी क्वारंटीन में रहा होगा तो उसे जांच के लिए अलग ले जाया जाएगा।
केबिन बैगेज की इजाजत नहीं होगी। सिर्फ चेक-इन बैगेज की इजाजत होगी।
सभी तरह के भुगतान डिजिटल तरीके से किए जाएंगे।

