पूर्व पार्षद सहित 7 को 7 साल कैद - Khulasa Online

पूर्व पार्षद सहित 7 को 7 साल कैद

चूरू। एसीजेएम कोर्ट ने मंगलवार को फर्जी पत्नी दिखाकर हक त्याग के 10 साल पुराने मामले में पूर्व पार्षद सहित सात जनों को सात साल की कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। एसीजेएम नवनीत अग्रवाल ने सजा सुनाई। फैसले के बाद सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। खास बात ये रही कि मामले में राजीनामा होने के बावजूद सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी महेश नेहरा ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट की नजीरें पेश करने पर मामले में बड़ी सफलता मिली। बहस में कोर्ट ने कूटरचना से संबंधित अपराध होने पर राजीनामा दस्तावेजी को ही साक्ष्यों के आधार मानकर सजा सुनाई। अभियोजक अधिकारी नेहरा ने बताया कि सुजानगढ़ के मूलाराम जाट ने एसीजेएम कोर्ट के आदेश से छापर थाने में मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि बीदासर की रोही में उसके नाना की राजस्व भूमि में से चोखाराम के हिस्से की भूमि हड़पने के लिए चोखाराम की पत्नी छोटूदेवी का नाम दर्ज नहीं करवा कर नेमाराम व अन्य लोगों ने षड्यंत्र रचकर नेमाराम की पत्नी तुलसी को चोखाराम की फर्जी पत्नी के रूप में दिखा दिया। हक त्याग के दस्तावेजों में भी छोटू देवी की जगह तुलसी देवी की फोटो लगा दी और राजस्व रिकॉर्ड में भी चोखाराम की पत्नी के रूप में तुलसी का नाम दर्ज करवा दिया। मामले में पूर्व पार्षद रतनलाल नायक ने भी कुर्सीनामा गलत रूप से तस्दीक किया। कोर्ट ने इन सात लोगों को दी सजा : अभियोजन की ओर से 7 गवाहों के बयान करवाए गए व 12 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। जिस पर अभियुक्त नेमाराम (45) पुत्र बालूराम जाट व तुलछीदेवी (40) पत्नी नेमाराम निवासी वार्ड 29 सुजानगढ़, महेंद्र (45) पुत्र भोजाराम जाट निवासी डूंगरगढ़ रोड ढाणी रोही बीदासर, घीसाराम (55) पुत्र सूंडाराम जाट, पन्नाराम (32) पुत्र नेमाराम जाट, नंदलाल (56) पुत्र मानाराम उर्फ मघाराम जाट निवासी बीदासर व रतनलाल नायक (37) पुत्र लूणाराम नायक निवासी वार्ड 37 सुजानगढ़ को सजा मिली।
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