मंत्री जी पांच गेटों की तो सुन ली, अब ऐतिहासिक बारीयों को जीर्णोद्धार का इंतजार - Khulasa Online

मंत्री जी पांच गेटों की तो सुन ली, अब ऐतिहासिक बारीयों को जीर्णोद्धार का इंतजार

निखिल स्वामी की ग्राउंड रिपोर्ट बीकानेर. बीकानेर में राजा-महाराजा की ओर से शहर में पांच गेटों व सात बारीयों का निर्माण करवाया गया था, जो पिछले कई सालों से जर्जर हालात में है। हाल ही में कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के मंत्री डॉ. बी.डी.कल्ला ने इन पांच गेटों के जीर्णोद्धार कर इनकी सुध ली, लेकिन शहर की सात बारीयों को आज भी जीर्णोद्धार का इंतजार है। इनमें बीदासर बारी, हमालों की बारी, उस्ता बारी, बेणीसर बारी, ईदगाह बारी, पाबूबारी, कसाईयों की बारी है। वर्तमान में इनकी हालात देखे तो अब वहां बारीयां तो नाम ही रह गया है। यह बारीयां जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है। इनमें बारीयों के गेट भी टूट चुके है। कई बारीयों में हालात तो यह है कि इन बारीयों से निकलने में भी डर लगता है क्योंकि इन बारियों की छत व दीवार किसी भी समय गिर सकती है इससे बड़ी जनहानि होने की भी संभावना है। कई बार तो इन बारियों के गेट भी गिर चुके है इससे लोगों की मामूली चोटें भी आ चुकी है, लेकिन फिर भी सरकार व प्रशासन इन बारीयों के जीर्णोद्धार पर काम नहीं कर रही है। मजे की बात है प्रदेश की सरकार में कला, साहित्य, संस्कृति व पुरातत्व विभाग के मंत्री भी इसी शहर के है और इनके ही विधानसभा में यह बारीयां आती है, फिर भी इस क्षेत्र के मंत्री की ओर से इन बारीयों का जीर्णोद्धार नहीं करवाया जा रहा है। इन बारीयों के जीर्णोद्धार को लेकर कई बार सामाजिक कार्यकर्ता भी सरकार व प्रशासन का ध्यान इस ओर करवा चुके है, लेकिन फिर भी प्रशासन इनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। नाम भी हटा, टूटा गेट इन सातों बारीयों के ऊपर जो नाम लिखा हुआ था, अब वो भी हट गया है। इससे इस क्षेत्र व बारी की पहचान भी अब धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। कई बारीयों के गेट पर नाम नहीं होने यहां से आने-जाने वाले लोगों को क्षेत्र की जानकारी होने में भी परेशानी होती है। राजा-महाराजा के समय इन बारीयों को बंद करने के लिए गेट लगवाए गए थे, लेकिन अब इन बारीयों के गेट भी टूट कर हट चुके है।
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