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बीकानेर। जिले के सरदाशहर के पूलासर गांव के एक युवक का पांच जून को हुए अपहरण के दस दिन बाद शनिवार को गांव की रोही में जमीन में गाड़ा हुआ उसका शव मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में सनसनी फैल गई। सरदारशहर. पूलासर गांव के एक युवक का पांच जून को हुए अपहरण के दस दिन बाद शनिवार को गांव की रोही में जमीन में गाड़ा हुआ उसका शव मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में सनसनी फैल गई। इस मामले में पुलिस ने दो जनों को राउंडअप भी किया है। पुलिस के अनुसार आसाम के बालीपाडा में कारोबार करने वाले मनोज शर्मा 1 जून को पूलासर आया था। पांच जून को परिजनों को सरदारशहर जाने की कहकर सुबह 11 बजे कार से रवाना हुआ। दोपहर 12.37 बजे मनोज ने चाची आनन्दी को फोन कर रात को आसाम जाने की कही। इसके बाद 3.45 बजे गांव का पवन कुमार तिवाड़ी घर पर आया और उसकी चाची से बोला कि मनोज ने उससे बीस हजार रुपए उधार लिए हैं। देने के लिए उसने घर बुलाया है। चाची ने मनोज के घर नहीं होने की बात कही। कुछ देर बाद पवन की ने पवन को 20 हजार रुपए दे दिए। इसके आधा घंटे बाद पवन मनोज की कार लेकर आया और बोला वह अहमदाबाद चला गया। उसने घर में कार खड़ी करने का बोला है। पवन ने कार की चाबी व पावरबैंक दे दिया। मनोज के मोबाइल पर संपर्क किया तो संपर्क नहीं हुआ। पवन लगातार मनोज के परिवार को गुमराह करता रहा। इस पर थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। पुलिस को पवन पर शक हुआ तो वह भी सात जून को फरार हो गया। जिसके बाद मनोज की बहन नीतू ने 12 जून को पुलिस थाने में पवन व उसके सहयोगियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने कॉल डिटेल को जांच का आधार बनाया और सीसीटीवी फुटेज देखे। जिसमें पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। इस दौरान पुलिस ने पवन के दो सहयोगियों को राउंडअप कर गहनता से पूछताछ की तो दोनों ने हत्या का राज उगल दिया। उनकी निशानदेवी पर पुलिस पूलासर गांव की रोही पहुंची। वहां पर मनोज का जमीन में गाडा हुआ मिला। पुलिस ने पवन के खेत से शव निकलवाकर कस्बे के राजकीय चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजन ज्योंही शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। उनके घरवाले रो-रो का बुला हाल कर लिया। पुलिस ने हत्या करने का मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी पवन की तलाश शुरू कर दी है।
पवन की मनोज से थी पुरानी रंजिश
पहले मनोज और पवन बहुत अच्छे दोस्त थे लेकिन पैसे की बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। इसको लेकर पवन ने मनोज पर एक बार जानलेवा हमला भी किया था। जिसका थाने में मामला दर्ज किया गया था लेकिन परिवार की रजामंदी से दोनों में समझौता करवा दिया गया। दोनों फिर से दोस्त बन गए। पवन ने दोस्ती का फायदा उठाकर मनोज को विश्वास में लेकर 5 जून को अपहरण कर लिया था।
अपने ही खेत में गाड़ दिया शव
पुलिस के अनुसार पवन ने मनोज शर्मा की हत्या कर अपने खेत में गहरा गड्ढा खोदकर शव को गाड़ दिया था। साथ ही शव पर नमक भी छिड़क दिया ताकि शव जल्दी गल सके। जिस जगह शव गाड़ा गया।ष् उस जगह कई बार गाड़ी चला कर निशानदेही मिटाने की पूरी कोशिश भी की गई।
हत्या का राज छुपाने के लिए की चालाकियां
हत्या करने के बाद पवन लगातार मनोज के घर वालों को गुमराह करता रहा और पवन ने ही सर्वप्रथम पुलिस थाने में मनोज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन जब पुलिस को शक होने पर पवन भी गायब हो गया।