पुष्करणा स्टेडियम में राष्ट्रवादी स्वाभिमान समागम सम्पन्न
बीकानेर। हमारे नेता वोट तो मांगते हैं हिन्दुओं के नाम पर और कानून बनाते हैं जाति के नाम पर। शर्म करो इस देष के नेताओं। एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट अपनी नाराजगी जताते हुए यह बात श्री राजपूत राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने रविवार को पुष्करणा स्टेडियम में मैं भारत हूं कि ओर से आयोजित राष्ट्रवादी स्वाभिमान समागम कार्यक्रम में कही। गोगामेड़ी ने कहा कि अब 95 प्रतिषत वंचित गरीब दलितों ने सम्पन्न दलितों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है और हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाने को तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था कि एक भी दलित इस आरक्षण से सक्षम हो जाए तो वो अपने समाज को सक्षम करें, लेकिन कौन ऐसा आईएएस, आईपीएस, सांसद या विधायक है जिसने अपने समाज को ऊंचा उठाया है। वो केवल अपना ही घर भर रहे हैं जिसके पास 5 बीघा जमीन है तो 100 बीघा बना रहे हैं। कोई भी अमीर दलित गरीब दलित की जात तक नहीं पूछता। जबकि हमारे गांव में किसी दलित की शादी होती है तो पूरा गांव सहयोग करता है, उस दिन ये दलित सेनाएं और नेता कहां चले जाते हैं। राजनीतिक पार्टियां केवल हमें बरगलाने का काम करती है। हम चाहते हैं कि अमीर दलित आरक्षण छोड़े और इसे आर्थिक आधार पर कर दें ताकि गरीब दलित को मौका मिले।
आतंकी की होती सुनवाई, लेकिन हिन्दुस्तानी की नहीं
गोगामेड़ी ने एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देष की संसद पर हमला करने वाले कसाब की सुनवाई होती है और एक हिन्दुस्तानी को एससी एसटी एक्ट मे बगैर जांच किए जेल में डाल दो। यह कहां का इंसाफ है। क्यों नही बोल रहे सांसद, क्यों नहीं बोल रही भारत की जनता। इस एक्ट में से अधिकांष झूठे मुकदमें होते हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं को कहा कि यदि संगठित रहोगे तो ताकत बनेगी और उस ताकत सब सलाम करेंगे। कार्यक्रम में मैं भारत हूं के संस्थापक सदस्य सम्पत सारस्वत ने कहा कि गैस में सबसिडी छूड़वाने का आहवान करने वाले पीएम मोदी जी अपने आरक्षित सांसदों से आरक्षण छोड़ने की अपील भी करवाएं।
रैली के रूप में पहुंचे संगठन
आरक्षण की वितरण व्यवस्था खिलाफ और उसकी राष्ट्रीय समीक्षा करवाने को लेकर कई संगठन ढोल नगाड़ों के साथ नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में पुष्करणा स्टेडियम पहुंचे। सबसे पहले श्री राष्ट्रीय परषुराम सेना संघ, फिर रक्षा द सेवियर और आखिर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना रैली के रूप में स्टेडियम पहुंचकर अपना समर्थन जताया।
गौ रक्षा कमांडो फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस एस टाइगर ने कहा कि हमने कई दलितों के लिए भी लड़ाई लड़ रहे हैं और इन्हें सीने से लगाने की कोषिष कर रहे है फिर भी ये हमसे दूर क्यों जा रहे हैं। रामायण काल के शबीर व केवट की जाति का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे अंदर भेदभाव होता तो हम दलित को नकार सकते थे, लेकिन राजनेता हमें लड़वा रहे हैं। भगवा रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेष नोरवा ने कहा कि आखिर कब तक सवर्णों को झूठे मुकदमों में जेल जाना पड़ेगा। हम किसी जाति का विरोध नहीं करते, लेकिन हर हिंदु को समानता का अधिकार क्यों नहीं है। हमें इसके लिए आवाज उठानी होगी। श्री राष्ट्रीय परषुराम सेना संघ के राष्ट्रीय दिनेष राणेजा ने कहा कि अब चिंता दलितों को करनी है  कि वे पिछले 90 वर्षों से आरक्षण से वंचित क्यों है।
एक हजार किमी दूर से आएं हैं
यूपी के बहराइच जिले से आए युवा सर्वेष पांडे ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि मैं एक हजार किमी दूर से बीकानेर आया हूं अपनी बीटिया की शादी में नहीं आया हूं। दलितवादी सोच के खिलाफ उनकी लड़ाई लड़ने आया हूं। उनकी लड़ाई सवर्णों से नहीं बल्कि सम्पन्न दलितों से हैं। पिछले तीन दिन से बीकानेर में ठहरी उड़ीसा से आई सामाजिक कार्यकर्ता षिप्रा चक्रवर्ती ने कहा कि वह जातिवादी आरक्षण के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। मैं सब में भगवान माधव को देखती हूं हमारे लिए सभी समान है। फिर यह जातिभेद क्यों। आजाद सेना दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला ने भी जातिवादी आरक्षण के खिलाफ विचार रखें।
फीस में भी ऊंच नीच देखते हैं
राष्ट्रीय परषुराम सेना संघ के राष्ट्रीय महासचिव राहुल पारीक ने कहा कि स्कूलों मे एससी एसटी को फीस नहीं देनी होती, मगर सवर्णो को फीस देनी होती है। ऐसे में स्कूल में हमारे बच्चों से जो फीस ली जाती है तो उसमें भी ऊंच नीच की जाती है। जाहिर है कि जातिवाद की नींव स्कूलों में ही रख दी जाती है।  रक्षा द सेवियर की राष्ट्रीय अध्यक्ष इंदु राजपूत ने कहा कि आजादी के लिए हमने त्याग किया और आज फिर से त्याग करने की जरूरत है। कुजटी से आए सामाजिक क्रांतिकारी कार्यकर्ता हंसराज गोदारा ने कविता के माध्यम से जातिगत आरक्षण की धज्जियां उड़़ाई। मैं भारत हूं के संस्थापक सदस्य डी पी जोषी ने आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन ज्योतिप्रकाष रंगा ने किया।