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– खुलासा न्यूज़ ने एडिशनल पुलिस कमिश्रर संतोष चालके से की बातचीत
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। तीन युवकों का अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले एक गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया। इनके चंगुल से एक फ्लैट से तीन युवकों को भी मुक्त कराया। ये युवक मुंबई, आंध्रप्रदेश और बीकानेर के रहने वाले हैं। बदमाशों ने अपहृत युवकों में एक के पैर की तीन अंगुली भी काट दी थी। पुलिस ने एक युवती समेत इस गैंग के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। हथियार भी बरामद हुए हैं। वहीं, जो लड़की बदमाशों के साथ थी। वह गैंग में शामिल लकी नाम के आरोपी की गर्ल फ्रेंड बताई जा रही है। गैंग ने जयपुर में 15 दिन पहले भांकरोटा इलाके में शंकरा रेजीडेंसी में एक फ्लैट किराए पर लिया था। बदमाशों ने यहां नवीं मंजिल पर तीनों अपहृत युवकों को बंधक बनाकर रखा था। गैंग के कब्जे से बीएमडल्ब्यू, मर्सिडीज, स्कॉर्पियो जैसी लक्जरी कारें बरामद की गईं हैं। बदमाश बंधक बनाए गए युवकों को डरा-धमकाकर इनके परिजनों से रुपए वसूलते थे।

बीकानेर निवासी युवक के हाथ का अंगूठा तोड़ा, जख्मी होने पर खुद किया उपचार
पुलिस कमिश्नर संतोष चालके से मिली जानकारी के अनुसार बदमाशों ने बीकानेर निवासी 36 वर्षीय मोहम्मद शहजाद का दाहिने हाथ अंगूठा भी तोड़ दिया। इसके बाद डंडें, लात व घूंसे से बेरहमी से मारपीट की। इससे उनके शरीर पर गहरी चोटें आई। जख्मी होने पर बदमाशों ने बीकानेर निवासी युवक का उपचार भी किया।

नुक्तान ने बहाना बनाकर बीकानेर निवासी युवक को बुलाया जयपुर
नुक्तान का कहना है कि इंकार करने पर बदमाश उन्हें तीन दिनों तक गाड़ी में इधर उधर घुमाते रहे। वे उनसे जमकर मारपीट करते। इसके बाद गुरुवार को ओमेक्स सिटी स्थित शंकरा रेजीडेंसी में ले जाकर बंधक बना दिया। यहां रुपयों की मांग के लिए किसी पैसे वाले को बुलाने का दबाव डाला।
तब नुक्तान ने बीकानेर निवासी 36 वर्षीय मोहम्मद शहजाद को बहाना कर जयपुर बुलाया। जहां बदमाशों ने उसे भी बंधक बना लिया। अपहरणकर्ताओं ने नुक्तान सेठ के दाहिने पैर की तीनों अंगुलियों को प्लास से मोड़कर तोड़ दिया। फिर इन अंगुलियों को काट दिया। उसके दाहिने कान को भी प्लास से मरोड़कर जख्मी कर दिया।

खुलासा न्यूज़ ने एडिशनल पुलिस कमिश्रर संतोष चालके से की बातचीत

कैसे बदमाशों तक पहुंची पुलिस?
एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष चालके ने बताया कि शनिवार रात पौने 2 बजे मालवीय नगर में रहने वाले चार युवक कार से अजमेर रोड से लौट रहे थे। नरसिंहपुरा के पास वे ठहरे। तभी एक स्कॉर्पियो भी वहां आकर रुकी। उसमें पांच युवक सवार थे। किसी बात को लेकर कार में सवार युवकों की कहासुनी हो गई। बदमाशों ने गन पॉइंट पर कार सवार एक युवक को अपनी स्कॉर्पियों में डाला और भाग निकले।
कुछ ही समय बाद अपहृत युवक के तीनों साथियों ने चेतक पर तैनात एक पुलिसकर्मी को घटना की सूचना दी। अपहृत युवक के मोबाइल पर एक्टिवेट गूगल मैप के जरिए दोस्तों ने पुलिस को उसकी लोकेशन बताई। पुलिस ओमेक्स सिटी, शंकरा रेजीडेंसी अपार्टमेंट पहुंची। यहां गार्ड ने बताया कि एक स्कॉर्पियो आई है।

पुलिस ने दी दबिश
इस दौरान अपार्टमेंट में पुलिस को एक युवक नजर आया। उसके हाथ में हथियार था। संदेह होने पर पुलिस ने सीनियर अधिकारियों को सूचना दी। तब छह थानों का फोर्स मौके पर पहुंचीं। रात करीब ढाई बजे डीसीपी विकास शर्मा, एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह के निर्देशन में सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीन अपहरणकर्ताओं को रात में और बाकी चार को रविवार दोपहर गिरफ्तार किया।

खुलासा न्यूज़ ने एडिशनल पुलिस कमिश्रर संतोष चालके से की बातचीत

रोजगार का झांसा देकर बुलाया, फिर अपहरण कर दी यातनाएं
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटे मुंबई निवासी 19 वर्षीय नुक्तान सेठ ने बताया कि उसे अच्छी जॉब की जरुरत थी। तब उसने परिचित रफीक के मार्फत गैंग के सदस्य सुमित से 8 जून को बातचीत की। 9 जून को वे दोनों आपस में मुंबई में मिले। इसके बाद सुमित ने जयपुर में जॉब दिलाने के बहाना कर उसे फ्लाइट का टिकट और पांच हजार रुपए एडवांस भेजे। तब नुक्तान जयपुर पहुंचा।

गैंग के गोरखधंधे का पता चला तब पीडि़त भाग निकला था मुंबई
यहां सुमित ने नुक्तान को झांसा देकर छह लाख रुपए वसूले। उसे बिटकॉइन दी। तब नुक्तान को सुमित और उसके साथियों के नकली करेंसी का गोरखधंधा करने का पता चला। तब वह वापस मुंबई भाग गया। इसके बाद आरोपी सुमित ने नुक्तान को फोन कर ट्रस्ट खोलकर कमाई करने की बात कहकर भरोसे में लिया। सुमित ने नुक्तान से कहा कि किसी ट्रस्टी का इंतजाम कर जयपुर ले आए। तब नुक्तान ने तिरुपति, आंध्रप्रदेश निवासी पी. मलंग शाह से बातचीत की। उसे विश्वास में लेकर एक सप्ताह पहले 8 जून, सोमवार को जयपुर ले आया। यहां सुमित ने नुक्तान व पी मलंग शाह को होटल में ठहराया। खाना खिलाया। इसके बाद वे अजमेर रोड पर एक रेस्त्रा में गए। जहां खाना खाने के बाद लौटते वक्त बदमाशों ने गाड़ी रास्ते में रोकी। उनसे मोटी रकम मंगवाने की डिमांड की।