यूपी पुलिस के एक सीओ जबरन एक होटल में रहने लगे तो होटल मालिक ने उन्हें बाहर निकाल दिया. खुन्नस में उस पुलिस अफसर ने रेड मारकर होटल में ठहरे लोगों को सेक्स रैकेट का कस्टमर बताकर उन पर और होटल मालिक पर केस दर्ज कर लिया. 5 साल बाद इस केस की जांच के बाद यह मामला फर्जी निकला और और हाईकोर्ट ने 10 पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए. यूपी के अमरोहा में साल 2015 में गजरौला पुलिस ने एक रिसॉर्ट में छापेमारी करके लगभग एक दर्जन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था जबकि होटल मालिक ने पुलिस के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करने और फर्जी मुकदमे में जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी.हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में सीबीसीआईडी जांच कराई. जांच के बाद घटना के बारे में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया.घटना के 5 साल बीत जाने के बाद शुक्रवार को होटल मालिक को न्याय मिला है और अब होटल मालिक की अर्जी पर अमरोहा पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं. इसके बाद सीबीसीआईडी ने फिलहाल 10 पुलिसकर्मियों और तत्कालीन सीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पूरे मामले में होटल मालिक ने पुलिस की दबंगई और पुलिस पर वसूली का आरोप लगाया है.औद्योगिक नगरी गजरौला में हाईवे रिसॉर्ट के नाम से नेशनल हाईवे पर एक निजी होटल मौजूद है. इस होटल में रेस्टोरेंट्स के साथ-साथ रात में रुकने की भी व्यवस्था है.दरअसल, होटल के मालिक ने तत्कालीन सीओ पर जबरन होटल में रहने का आरोप लगा रहे हैं और होटल खाली करने को कहा गया तो सीओ साहब नाराज हो गए. नाराजगी के चलते सीओ ने होटल मालिक से कुछ लोगों के खाना बनाने का आदेश दिया. खाना बनने में देरी होने के बाद पुलिस अधिकारी मोहनलाल ने होटल को घेर कर होटल में मौजूद कर्मचारियों और रेस्टोरेंट में मौजूद ग्राहकों को पकड़कर उनके खिलाफ देह व्यापार का मुकदमा दर्ज कर दिया था.इसके बाद आरोपियों में एक नवदंपति ने पुलिस के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और उसके बाद होटल स्वामी ने भी अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट ने 2015 में एक निजी होटल (हाईवे रिसोर्ट होटल ) में सेक्स रैकेट का खुलासा करने के मामले में तत्कालीन सीओ मोहनलाल, 2 एसआई और उनकी पूरी टीम पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं.