बीकानेर। आज सुबह सातलेरां जीएसएस पर करंट लगने से ठेकेदार कर्मचारी राकेश कस्वां (38) निवासी जानकीदासवाला, सूरतगढ़  की मौत पर हगांमा मच गया है। युवक राहुल की मौत होने पर ग्रामीणो ने शव को तारों से उतारने नहीं दे रहे है। ग्रामीण ठेकेदार पर कार्यवाही कि मांग तथा सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर अड़े हुए है। तहसीलदार मनीराम खिचड़, थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा मौके पर पहुंच गए है। बिजली विभाग से जेईएन मौके पर पहुंचे है व कोई उच्चाधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है। विधायक गिरधारी महिया, जैसलसर सरपंच प्रतिनिधि भीखाराम जाखड़, बिग्गा सरपंच जसवीर सारण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे हुए है। कर्मचारी युनियन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे है। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही से किसी गरीब के घर का सहारा चला गया विभाग को मुआवजे की घोषणा के बाद ही शव को उतारने देगें।
एक वर्ष से खराब थे उपकरण, मौत का जिम्मेदार कौन?
सातलेरा गांव के जीएसएस पर करंट से हुई कर्मचारी की मृत्यु का जिम्मेदार कौन.? यही सवाल मौके पर हर कंठ से गूंज रहा है। 24 घंटे जीएसएस पर ड्यूटी के लिए 3 कार्मिक होने चाहिए थे पर यहां 3 की जगह एक ही कर्मचारी नियुक्त था। इसी प्रकार यहां के करीब एक वर्ष पूर्व उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उपकरण खराब होने की जानकारी सामने आई थी और निगम अधिकारियों ने जल्दी ही बदलवाने की बात भी कही थी। रविवार को कार्मिक राहुल लाइट काट कर ही पोल पर चढ़ा था लेकिन उपकरण खराब होने के कारण करंट का प्रवाह हो गया और कर्मचारी की मृत्यु हो गयी। बताया जा रहा है कि राहुल यहां 4 वर्षों से कार्यरत था और इस कारण यहां से सप्लाई लेने वाले कृषि कुओं, उद्योगों, ग्रामीणों से उसके अच्छे संबंध थे। ऐसे में जीएसएस पर पहुंचा हर व्यक्ति नम आंखों से यही पूछ रहा था कि गलती किसकी.?