किराए की दुकान में नकली नोट छाप रहे थे दो दोस्त, 42 हजार के नोट बरामद

जयपुर। शहर में जाली नोट छापकर बाजार में दुकानों पर चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले में पश्चिम जिले की बगरु थाना पुलिस ने गुरुवार दोपहर को कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से करीब 42 हजार रुपए के नकली नोट और छापने वाली मशीन व अन्य उपकरण बरामद किए है। यह कार्रवाई एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत के निर्देशन में बगरु थाने के इंस्पेक्टर विनोद कुमार मीणा और उनकी टीम ने की। डीसीपी प्रदीप मोहन शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी संदीप चौधरी मूल रुप से नागौर जिले के मौलासर का रहने वाला है। वहीं, दूसरा आरोपी सुभाष कुमावत बगरु में दहमी कलां कस्बे में रहता है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक आपस में दोस्त हैं। संदीप चौधरी ने सुभाष के साथ मिलकर नकली नोट छापने की योजना बनाई।

हाइवे पर दुकान किराए पर ली और नोट छापकर बाजार में चलाने लगे
पुलिस इंस्पेक्टर विनोद मीणा ने बताया कि आरोपियों ने एनएच 8 पर हरध्यानपुरा गांव में एक दुकान किराए पर ली थी। इसी दुकान के एक हिस्से में चोरी छिपे 100, 200 व 500 के नकली नोट छापने का काम करने लगे। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों की मदद से इन नोटों को आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाजार में चलाने का काम शुरु कर दिया। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि इलाके में नकली नोट बाजार में दुकानदारों को दिए जा रहे है। तब पुलिस ने छानबीन शुरु की। तब हरध्यानपुरा में एक दुकान पर नकली नोट छापने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने गुरुवार को छापा मारकर दोनों युवकों को धरदबोचा और मौके से 42 हजार रुपए के नकली नोट बरामद कर लिए। बताया जा रहा है कि कुछ नोटों को आरोपियों ने जला भी दिया। इस पूरे मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है।

ज्यादातर जब्त किए गए नकली नोट 100 रुपए के है। 100 रुपए के 34 नोट, 200 और 500 एक-एक नोट मिले है। इसके अलावा 63 कवर शीट मिली है। इन पर नोट स्केनिंग कर नोट छापते थे। इनमें एक शीट पर 4 नोट छापे जा रहे थे। इन सभी शीटों पर 100-100 के नोट छपे हुए थे। जिन्हें सुखाने के लिए रखा गया था। आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया है। अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।