बीकानेर। पश्चिम क्षेत्र की जोनल टास्क् फोर्स की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्टेट टास्क् फोर्स,राजस्थान राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम राजस्थान सरकार एवं क्षय रोग अनुभाग, भारत सरकार के सयुक्त तत्वाधान में 9 व 10 जनवरी को बीकानेर में आयोजित किया जा रहा है। डॉ गुंजन सोनी ने बताया कि इस सेमीनार का मूल उद्देश्य 2025 तक टी बी उन्मूलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में मेडिकल कॉलेज के योगदान को सदुढ़ करना है। इसके अलावा कार्यशाला में स्टेट टास्क फोर्स की उपलब्धियों, पीएमडीटी 2019 गाईडलाईन,इन्जेशन रहित रेजीमेन एवं डीआर टीबी सेवाओं के विकेन्द्रीकरण पर भी विचार विनिमय होगा। इस कार्यशाला में गोवा,गुजरात,महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के 105 मेडिकल कॉलेज के लगभग 150 मेडिकल शिक्षकगण,भारत सरकार के प्रतिनिधि,नेशनल टास्क फोर्स एवं अन्य जोनल टास्क फोर्स के प्रतिनिधि,राष्ट्रीय संस्थानो के प्रतिनिधि एवं 10 डब्यूएचओ आरएनटीसीपी कन्सलटेन्टस भाग लेगें।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज का योगदान:
राजस्थान में पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम के प्रारम्भ से ही मेडिकल कॉलेज का योगदान सराहनीय रहा है। 2019 में विभिन्न मेडिकल कॉलेजो द्वारा 21779 टीबी रोगियो का निदान किया गया जो पूरे राज्य का 13 प्रतिशत योगदान है। राजस्थान में कुल 23 मेडिकल कॉलेज है जिसमें 15 सरकारी और 8 गैर सरकारी संस्थान है और यह सभी संस्थान टीबी निदान और उपचार में उल्लेखनीय योगदान कर रहे हैं। राजस्थान के समस्त मेडिकल कॉलेज की और से 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम कृतसंकल्प हैं,मेडिकल कॉलेज के सभी सहयोगियों के अथक प्रयास एवं अक्षुण्ण सहयोग से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगें। निशिचत तौर पर टीबी हारेगा देश जीतेगा इस सेमीनार में डॉ डी बेहरा,डॉ सलील भार्गव,डॉ रोहित सरीन,डॉ राधा,डॉ एस.के.सिन्हा,डॉ विनोद गर्ग,डॉ सी.एस.मोदी एवं डॉ राजेन्द्र मौजूद रहे।