>


खुलासा न्यूज़, बीकानेर। लॉकडाउन के चलते घरों में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मई माह के लॉकडाउन 3.0 व लॉकडाउन 4.0 के दौरान बीते 27 दिनों से हर रोज पुलिस तक एक मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा पहुंच रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में महिला थाने पर संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र पर मई में अब तक 30 से अधिक परिवाद दर्ज हो चुके हैं। आए दिन लोग छिटपुट घरेलू मामलों को लेकर पुलिस थानों तक पहुंच रहे हैं। अधिकांश मामलों में महिला के साथ हिंसा होने के बाद भी उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई मामले आपसी समझाइश के बाद सुलझ रहे हैं, लेकिन कुछ पुलिस कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटना चाहते तो कुछ अदालत जाने की जिद पर अड़े हैं। यह बड़ी ही हास्यास्पद बात है कि नजदीकियां प्रेम की जगह झगड़े बढ़ा रही है। पति पत्नी के मामलों में अक्सर पति द्वारा समय न दे पाने की शिकायतें सबने सुनीं होगी। लेकिन कोरोना ने सबकुछ उलट कर रख दिया है। अब दिनभर घर बैठा पति ही झगड़े का कारण बन रहा हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर मामलों में झगड़ा मामूली सी बात पर होता है लेकिन थाने तक पहुंच जाता है। ऐसे में कोरोना अगर अधिक समय तक रहा हो तो यह सामाजिक ढ़ांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह बदलाव खास तौर पर पति पत्नी के रिश्तों के बीच आ सकता है। हालांकि बदलाव सकारात्मक आएगा या नकारात्मक यह अभी कहा नहीं जा सकता। आंकड़ों पर गौर करें तो नजदीकियां बढ़ने के साइड इफेक्ट्स ने भविष्य में ख़ास तौर पर पति-पत्नी के बीच रिश्तों में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।