बीकानेर। बीकानेर के जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम शहर की ट्रेफिक व्यवस्था को सुधारने की कवायद में जुटे है। वहीं दूसरी ओर इनक ी व्यवस्था के अभिन्न अंग के प्रहरी इस व्यवस्था के खाके को बिगाडऩे में लगे है। हालात ये है कि ट्रेफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले ही इसको बिगाडऩे में अग्रणी है। विभिन्न ट्रेफिक पांइटों पर तैनात पुलिसकर्मी या तो ठाले बैठे मोबाइल पर सोशल मीडिया के उपयोग में जुटे रहते है। तो कई पुलिसकर्मी नो एंट्री में वाहन की पार्किग के लिये रूपये लेकर वाहनों की आवाजाही करवाने में मशगूल रहते है। एक ऐसा ही नजारा करमीसर फांटे पर देखने को मिलता है। जहां तैनात यातायात कर्मी रूपये लेकर बड़े वाहनों को नो एंट्री में घुसवा देते है। ऐसा नजारा केवल करमीसर चौराहे पर नहीं बल्कि मोहता सराय,नोखा रोड,पुरानी गजनेर रोड पर आमतौर पर देखा जा सकता है।
चालान काटने वाले समय एक्टिव,बाकी हथाई
आमतौर पर जिस समय चालान काटने की बात आती है उस समय ट्रेफिककर्मी हर पाईट पर तैनात नजर आते है और मनमर्जी जगह पर खड़े होकर चालान काटते से गुरेज नहीं करते। लेकिन जब काम करने या ट्रेफिक व्यवस्था की बात आती है तो पाईटों पर अनेक सिपाही मोबाइल पर बतियाते या सोशल मीडिया का उपयोग करते हथाई करते है। जिनकी अनेक बार शिकायते होने के बाद भी पुलिस महकमें के आलाधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी हकरतें
गौर करने वाली बात ये है कि बड़े वाहनों को नो एंट्री में आवाजाही करवाने की एवज में रूपये लेने के विडियो पहले भी खूब वायरल हो चुके है। परन्तु कार्यवाही नाममात्र की होती है और बैखौफ यातायात पुलिसकर्मी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने से नहीं चुकते।