बीकानेर। मौसम में आये अचानक से बदलवा के कारण लोगों में सर्दी जुकाम व बुखार आता है ये सर्दी जुकाम इतना खतरनाक है कि इसमें जान तक जा सकती है। इन दिनों पीबीएम में चार पांच बच्चें ऐसे ही जो रात को एकदम सही थे लेकिन सुबह उठे तो उनके हाथ पैरों में सुन्नापन आ गया और साइलेंट अटैक की तरह हो जाते है जिनको अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर तुरंत कहते है इसको वेटिलेंटर पर लो नहीं तो जान जा सकती है। लेकिन लोग सर्दी जुकाम होने पर डॉक्टर के पास नहीं जाते है जिसका खामियाज भुगतना पड़ता है कि व्यक्ति या बच्चे की मौत हो जाती है। इस मामले को लेकर पीबीएम के न्यूरोलिजि के डॉक्टर महेन्द्र सिसोदिया से बात की तो उन्होंने बताया कि इस वायरल को जीडीएस के नाम जाना जाता है और ये ज्यादात्तर सितम्बर अक्टूबर के महिनों में ज्यादा होता है। उसका कारण सर्दी में जुकाम बुखार व सांस की तकलीफ ज्यादा होती तो जिसके कारण साइलेंट अटैक आता है जिससे व्यक्ति के हाथ पैरों में सुन्नापन आ जाता है अगर समय रहते डॉक्टर तक नहीं पहुंचे तो जान तक चली जाती है । इस लिए सर्दियों के मौसम में वायरल बुखार या अन्य कोई बीमारी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए जिससे की समय पर इलाज हो सके। अभी जीडीएस वायरल से करीब पांच जने पीबीएम में भर्ती है इसमें से दो या तीन वेटिलेंटर पर है जो जिंदगी और मौत से आमने सामने हो रहे है।