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बीकानेर । आबकारी विभाग ने शहर में जगह-जगह पर मयखाने बना दिए हैं। ऐसे में अब अनुज्ञाधारी एक दुकान की दस दुकान कर बेखौफ लोगों को शराब पिला रहे हैं। लोगों की इस शिकायत पर हमारे संवाददाता ने शहर के कुछ स्थानों पर जाकर स्थिति देखी तो पाया कि कहीं पर चौराहों पर तो कहीं मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से शराब बेचने का गौरखधंधा चल रहा है। एक ओर तो आबकारी विभाग ने धार्मिक स्थलों व शिक्षा के मंदिरों के पास शराब पीने या बेचने पर पाबंदी लगा रखी है। वहीं दूसरी ओर खुलेआम धार्मिक स्थलों,मुख्यमार्गों पर न सिर्फ शराब बेची जा रही है बल्कि शराब पी भी जा रही है। यही नहीं कई जगह पर तो अवैध ठेके खोल लोगों को जमकर शराब पिलाई जा रही है। आबकारी विभाग इन अनुज्ञाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की जगह आंखें मूंद कर बैठा है। मानो देसी शराब की दुकानों के नवीनीकरण के लिए भी आबकारी अधिकारियों ने इन्हें ब्रांच चलाने की खुली छूट दे रखी है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार रात चांदनी होटल के पास देखने को मिला। जहां खुलेआम सिफ्ट कार में बोतले रखकर बेची जा रही थी। मजे की बात ये है कि इसकी जानकारी पुलिस को होने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस की मिलीभगती से यह काम हो रहा है।
यहां बिकती है शराब
रामपुरिया कॉलेज से दाउजी रोड़ के बीच रात आठ बजे के बाद अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। दो तीन युवा जैकेट व पेंट में शराब की बोतल व पव्वे लेकर घूम घूमकर बेचते नजर आते है। यहीं नहीं इसी क्षेत्र में शराब खरीद कर शराबी शराब का सेवन भी करते देखे जा सकते है। जिसकी शिकायत कई दफा पुलिस को की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। यही हालात जेएनवी थानान्तर्गत शिवबाड़ी,अम्बेडकर कॉलोनी,नयाशहर थानान्तर्गत पूगल रोड़,सेटेलाईट अस्पताल के पास,बीछवाल थानान्तर्गत करणी औद्योगिक क्षेत्र,कोटगेट थानान्तर्गत रानीबाजार,स्टेशन रोड़,रानीबाजार पुलिया,गंगाशहर थानान्तर्गत नोखा रोड़,बस स्टेण्ड आदि इलाकों में भी सेल्समैन धडल्ले से बिना अनुमति के शराब बेचते है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसे ही है हालात
शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब के पव्वे और देशी शराब बेचते नजर आयेंगे। जिन पर पुलिस कई दफा कार्यवाही भी करती है। फिर भी बिना लाइसेंस दारू बेचने वालों का हौसला बुलंद है। लूणकरणसर,नोखा,महाजन,खाजूवाला,नापासर में भी बस स्टेण्डों के पास व शराब की दुकानों से 100 मीटर की दूरी पर शराब बेचते नजर आते है। जिन पर कार्यवाही भी हुई पर पुन:इसी स्थानों पर बेखौफ शराब बेचने का धंधा चल रहा है।
चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात

शहर में नए जिला कलक्टर साहब द्वारा रात को अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने पर आमजन को एक आस बंधी थी कि जिला प्रशासन ऐसे हालातों पर शिकंजा कसेगा। परन्तु हालात चार की चांदनी फिर अंधेरी रात वाले नजर आने लगे है। जिला कलक्टर की सक्रियता तक तो शराब माफियाओं ने यह काम रोक दिया। लेकिन जैसे ही जिला कलक्टर सुस्ताएं शराब व्यापारियों ने पुन:अपनी कारस्तानी करनी शुरू कर दी है।