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भीलवाड़ा। गंगापुर क्षेत्र के आटावाड़ा नहर में एक महिला का शव बरामद हुआ था. पुलिस ने जब महिला के शिनाख्त के लिए प्रयास शुरू किए, तो पता चला कि मृतका उदयपुर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मीनाक्षी गिरी थी. वह अपने पति को छोडक़र भीलवाड़ा के सत्य प्रकाश बांगड़ नामक शख्स के साथ लिव इन रिलेशन में उदयपुर में रहती थी। मृतका मीनाक्षी गिरी का साल 2003 में राकेश गिरी के साथ विवाह हुआ था. दोनों के दो लडक़े हुए. मगर शादी के सात साल बाद 2010 में पति से अनबन के चलते मीनाक्षी उदयपुर जाकर रहने लगी. उदयपुर में उसकी जान पहचान भीलवाड़ा के रहने वाले सत्य प्रकाश बांगड़ से हुई. दोनों के बीच प्यार पनपा और मीनाक्षी अपने पति को छोडक़र प्रेमी सत्य प्रकाश के साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगी. मगर प्रेमी सत्य प्रकाश को मीनाक्षी के चरित्र पर संदेह होने लगा और यही उसकी हत्या का कारण बना.
गला घोटकर नहर में फेंका
गंगापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ राजेश भारद्वाज ने बताया कि सत्य प्रकाश भीलवाड़ा में अपने फाइनेंस का काम छोडक़र उदयपुर में ड्राइवर की नौकरी करता था और प्रेमिका मीनाक्षी ब्यूटी पार्लर चलाती थी. मगर ब्यूटी पार्लर के धंधे में कर्ज हो जाने के चलते दोनों के बीच मनमुटाव होने लगा. सत्य प्रकाश ने प्रेमिका मीनाक्षी के चरित्र पर संदेह की बात अपने दोस्त महेंद्र शर्मा को बताई. 22 जुलाई को महेंद्र शर्मा अपने एक अन्य दोस्त उदयपुर के लव कुमार पालीवाल के साथ कार लेकर सत्य प्रकाश के घर पहुंचे और मीनाक्षी को चित्तौडग़ढ़ में एक नई स्कूटी दिलाने के बहाने कार में साथ लेकर रवाना हुए. रास्ते में तीनों ने मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया.
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ राजेश भारद्वाज ने बताया कि अज्ञात महिला का शव मिलने की खबर पर मीनाक्षी के माता-पिता ने गंगापुर पुलिस से संपर्क किया और शव की शिनाख्त अपनी बेटी मीनाक्षी के रूप में की. मीनाक्षी के माता-पिता ने ही प्रेमी सत्य प्रकाश से मनमुटाव की बात पुलिस को बताई. जिसके बाद पुलिस ने अनुसंधान को आगे बढ़ाते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी सत्य प्रकाश और उसके दो साथियों को रतनपुर बॉर्डर से आगे गुजरात सीमा में धर दबोचा. पूछताछ में आरोपियों ने घटना का खुलासा किया.