>



महाजन। बीकानेर के दो जिला आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत की पोल उनके निचले स्तर के सहायक आबकारी अधिकारी ने खोल दी। गत दो साल से श्रीगंगानगर जिले की सिंगरासर ग्राम पंचायत का शराब ठेका बीकानेर जिले के अरजनसर में संचालित किया जा रहा है। इस मामले में दायर परिवाद की जांच होने पर आखिरकार मामला उजागर हो गया। अब यह ठेका हटाने के निर्देश दिए गए हैं।गौरतलब है कि अरजनसर के एडवोकेट गोपालसिंह सोलंकी की ओर से सिंगरासर ग्राम पंचायत के शराब ठेके की अरजनसर की भूमि में स्वीकृत लोकेशन को लेकर आबकारी विभाग में परिवाद दायर किया गया था।

परिवादी के वकील सहीराम गोदारा द्वारा आबकारी विभाग बीकानेर को भेजे गए विधिक नोटिस के जवाब में आबकारी विभाग ने जो पत्र भेजा है उसके अनुसार यह ठेका वर्तमान लोकेशन पर अवैध है। परिवाद की जांच अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन बीकानेर ने सहायक आबकारी अधिकारी से करवाई। जांच में सहायक आबकारी अधिकारी ने सिंगरासर के शराब ठेके की अरजनसर में लोकेशन को अवैध माना। इस जांच के आधार पर अब अतिरिक्त आबकारी आयुक्त ने इस ठेके को अवैध मानते हुए श्रीगंगानगर जिला आबकारी अधिकारी को इसे तुरन्त प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।श्रीगंगानगर व बीकानेर जिले के आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से यह ठेका बिना लोकेशन के दो साल से संचालित होता रहा। इस सम्बंध में कई बार लोगों ने विरोध जताया था लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई।