खुलासा न्यूज़, बीकानेर। परिसीमन के बाद सर्वाधिक असर पंचायती राज पर पड़ा है। लगातार पांच वर्षों के बाद दूसरी बार परिसीमन के बाद बीकानेर सहित प्रदेश में अस्तित्व में आई नई पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों के बाद घोषित हुए पंचायती राज चुनाव-2020 को लेकर मामला बैठ नहीं पा रहा है। आलम ये है कि प्रथम व द्वितीय चरण के सरपंच व वार्ड पंचों के चुनाव होने के बाद कोर्ट में विचाराधीन मामले के चलते चुनाव से वंचित बीकानेर सहित प्रदेश की सैंकड़ों ग्राम पंचायतों में सरपंचों का कार्यकाल विधिवत रुप से शुक्रवार को समाप्त हो गया है। हालांकि पिछले पंचायती राज चुनाव में 23 जनवरी को ही ये सरपंच चुने गए थे। जिनके पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। ऐसे में अभी परिसीमन से वंचित इन ग्राम पंचायतों में सरपंच व वार्ड पंचों के चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। जिससे बीकानेर, कोलायत, बज्जू, पूगल, खाजूवाला, लूणकरनसर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में विकास की प्रति पर ब्रेक लग गए है।