जयपुर। राज्य सरकार ने शराब कारोबारियों को गुपचुप तरीके से बड़ी राहत दी है। शराब ठेकेदारों की ओर से अपील में जाने से पूर्व जमा कराई जाने वाली बकाया देनदारी की 75 प्रतिशत राशि को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया है। खास बात यह है कि बजट में इसका जिक्र तक नहीं है। फाइनेंस बिल के अनुसार राजस्थान आबकारी अधिनियम की धारा 9-क में संशोधन कर दिया है। सरकार ने माना है कि अपील से पूर्व कुल देनदारी की 75 प्रतिशत राशि जमा करने की शर्त ‘दूभरÓ है।
राजस्व घाटे के बीच उठाया ऐसा कदम
राजस्व घाटे को पाटने की चुनौती के बीच सरकार ने रकम घटाई है, जबकि शराब ठेकेदारों पर 200 करोड़ रुपए से अधिक की देनदारियां हैं। इसमें भी 188 करोड़ रुपए के वसूली प्रकरण 10 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।
इसलिए छिपाया
यदि सरकार संशोधन बिल के जरिए आबकारी की इस धारा में बदलाव करती तो विधानसभा में बहस और समीक्षा दोनों होती। विभाग का तर्क आबकारी विभाग का कहना है कि बड़ी राशि होने के कारण प्रार्थी न तो रुपए जमा कराता है, न अपील में जाता है। मामला लंबित रहता है। अब कुल देनदारी की 25 प्रतिशत राशि जमा कराकर अपील में जाना उसके लिए आसान रहेगा।