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बीकानेर। जिले में कोरोना महामारी के शुरुआती चरण में आमजन एवं चिकित्सा विभाग,जिला प्रशासन व पुलिसकर्मियों को वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए एक-दूसरे की देखा-देखी लगाए गए सेनेटाइजर टनल आज नकारा साबित हो रहे हैं। अनेक सरकारी महकमों व पुलिस थानों के साथ साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर सेनेटराइजर मशीनें लगाई गई। जिसके माध्यम से सेनेटराइज करने की व्यवस्था की गई। ताकि सरकारी महकमों के कार्मिक इसके संक्रमण में न जकड़े। किन्तु आज हालात ये है कि इनमें अधिकांश मशीनें कबाड़ हो गई। मंजर यह है कि जिस सरकारी महकमें को शहर को सेनेटराइज करने का जिम्मा दिया गया है। उस विभाग में भी यह टनल कबाड़ बना हुआ है। जिसके कारण बुधवार को आई रिपोर्ट में इस विभाग का एक कम्प्यूटर ऑपरेटर भी कोरोना की चपेट में आ चुका है।
इन विभागों में आये है कोरोना पॉजिटिव
हालात यह है कि बीकानेर में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की आंच अब सरकारी विभागों में भी ज्यादा देखने को मिल रही है। प्रतिदिन किसी न किसी सरकारी महकमें से एक पॉजिटिव संक्रमित हो रहा है। वहीं एक सरकारी विभाग की कार्मिक तो कोरोना के चलते अपनी जान गंवा चुकी है। आपको बता दे कि जिला कलक्टर कार्यालय,एसीबी,नगर विकास न्यास,रसद विभाग,पीबीएम,रोजगार क ार्यालय,शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक,शिक्षक,मेडिकल कॉलेज के कार्मिक,चिकित्सक,नर्सिगकर्मी,सहायक,सफाईकर्मी,नगर निगम,उप निदेशक क्षेत्रिय स्थानीय निकाय विभाग,वेटरनरी विवि,पुलिस महकमें,बैंकों के कार्मिक,जोविविनि,सेटेलाईट अस्पताल सहित निजी बैंकों के कार्मिक भी शामिल है। इसके अलावा रेलवे,पार्षद,्रअधिवक्ता भी कोरोना के चपेट में आ चुके है।
एक टनल पर आया हजारों का खर्च
दानदाताओं व सामाजिक संस्थाओं से मिली जानकारी के अनुसार एक टनल तैयार कराने में उन्हें 5 से 25 हजार रुपए का खर्च आया। लॉकडाउन के दौरान जिले के मुखिया के कार्यालय सहित अनेक विभागों में सेनेटराइज करने के लिये मशीनें लगाई गई। जिस पर हजारों रूपये खर्च भी हुए। फोटो खींचवाकर सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए। पर आज ये मशीनें कबाड़ बन गई है।
जागरूक बनें, गाइडलाइन की पालना से ही बचेंगे
कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए। यह न समझें कि शरीर को केमिकल से सेनेटाइज कर कोरोना खत्म हो गया। इस तरह की प्रक्रिया से बचें। संक्रमण से बचने शारीरिक दूरी,मास्क पहनना,बार-बार हाथ धोना जैसी सावधानी जरूरी है।
ये बताया कारण
चिकित्सा विशेषज्ञों ने व्यक्ति के पूरे शरीर को केमिकल सोडियम हाइपोक्लोराइट की बौछार से सेनेटाइज करने के लिए लगाई गई सेनेटाइजर टनल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना है। उनका मानना है कि टनल के माध्यम से शरीर को सेनेटाइज करना ठीक नहीं है। इससे कोरोना नहीं मरता है, बल्कि त्वचा, आंख, नाक, मुंह में केमिकल चले जाने से त्वचा सम्बन्धी बीमारियां तथा अन्य तकलीफें बढ़ सकती हैं। इसको देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन और केंद्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के बाद चिकित्सा विभाग एवं जिला प्रशासन के उन अधिकारियों ने ही इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी है,जो शुरू में दानदाताओं के साथ फोटो खिंचवा रहे थे।