बीकानेर। एक ओर तो राज्य व केन्द्र सरकार प्रसूताओं को स्वास्थ्य लाभ देने के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है और चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर पीबीएम अस्पताल प्रशासन की उदासीनता का दंस गंगाशहर क्षेत्र की प्रसूताओं को भोगना पड़ रहा है। ङ्क्षजसका कारण गंगाशहर में सैटेलाईट का दर्जा प्राप्त कर चुकी अस्पताल में बना प्रसूति विभाग धूंल फांकना है। हालात ये है कि करीब दो वर्ष पहले तैयार इस प्रसूति विभाग आज भी बच्चों की किलकारियों गूंजने की बांट जो रहा है।
75 लाख की लागत से बना था विभाग
जानकारी मिली है कि गंगाशहर के अस्पताल में बने प्रसूति विभाग पर करीब 75 लाख रूपये खर्च हुए है। जिसमें से 30 लाख सांसद निधि व 20 लाख विधायक सिद्विकुमारी ने अपने कोटे से खर्च कर यहां निर्माण व उपकरण उपलब्ध करवा दिये है। बताया जा रहा है कि करीब वर्ष 2013-14 में सैटेलाईट अस्पताल का दर्जा प्राप्त इस अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध है।लेकिन प्रसूति विभाग के चालू नहीं होने से गंगाशहर, भीनासर, श्रीरामसर, सुजानदेसर, किसमीदेसर, उदयरामसर, पलाना सहित ईदगिर्द के क्षेत्र की प्रसूताओं को अनावश्यक रूप से पीबीएम अथवा निजी अस्पतालों के चक्कर निकालने पड़ते है।
सजग नागरिक लगा चुके है गुहार
गंगाशहर के इस अस्पताल में प्रसूति विभाग को चालू करवाने के लिये अनेक बार स्थानीय नागरिक व गंगाशहर नागरिक परिषद के पदाधिकारी पीबीएम व मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों से मिलकर प्रसूति विभाग को चालू करने की गुहार लगा चुके है। विगत दिनों गंगाशहर नागरिक परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम,विधायक सिद्विकुमारी,मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ एच एस कु मार से मिल चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने लंबे समय बाद भी गंगाशहर अस्पताल में प्रसूति विभाग को चालू नहीं करने पर रोष जताते हुए जल्द इसे चालू करवाने की मांग की है साथ ही अस्पताल का निरीक्षण कर वस्तु स्थिति जानने का आग्रह किया। इस पर प्राचार्य डॉ एच एस कुमार ने आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर डॉ कमलेश यादव गंगाशहर हॉस्पिटल का निरीक्षण करके प्रसूति विभाग के लिए आवश्यक उपकरणों व चिकित्सकों की सूची बनाकर प्राचार्य को अवगत कराएगी। इसके पश्चात प्रसूति विभाग को चालू कर दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रतनलाल सेठिया,जयचंद लाल,परिषद के गंगाशहर कमेटी के चैयरमेन जतनलाल दुग्गड़,मोहन सुराणा,महेन्द्र चौरडिया,देवेन्द्र बैद,जेठमल नाहटा,शिखर डागा,सरिता नाहटा आदि मौजूद रहे।