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शिक्षा विभाग : ऑनलाइन आवेदन करने वालों के नाम सूची में नहीं होंगे शामिल
बीकानेर। राज बदलने के साथ ही काज बदलते देखा है लेकिन शिक्षा विभाग में राज बदलने के बाद भी पुरानी परिपाटी चल रही है। तबादलों की बात करें, तो भाजपा सरकार के समय राजनीतिक रसूखवाले शिक्षकों के तबादले किए गए। वर्तमान सरकार ने इसे गलत मानते हुए तबादलों के इच्छुक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे लेकिन अब तबादलों की सूचियां प्रिंट हो रही है, तो केवल रसूखदारों के नाम ही इसमें शामिल है। आवेदन करने वालों के नाम दूसरी सूची में आने की बात कही जा रही है। हालांकि शिक्षा विभाग अगस्त माह में तबादलों की कोई भी सूची जारी नहीं होने की बात कह रहा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि आगामी एक सप्ताह में तबादलों की बड़ी सूची जारी हो सकती है और इसमें शामिल सभी शिक्षकों को शहरी क्षेत्र व इच्छित स्थानों पर पदस्थापन मिलेगा।
दो माह से मशक्कत
शिक्षा विभाग में पहले ग्रीष्मावकाश के दौरान तबादलों की बात शिक्षा मंत्री ने कही थी। इस दौरान शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों से तबादले के लिए आवेदन लिए गए। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूलों में प्रवेशोत्सव चलने की बात कहते हुए जुलाई के अंतिम सप्ताह में तबादलों की बात कही गई लेकिन विधानसभा सत्र चलने के कारण जुलाई के अंतिम सप्ताह में भी तबादलों की सूची जारी नहीं हो पाई। हालांकि जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक तक ने अपने-अपने चहेतों की डिजायर सरकार को भेज दी है और इसी आधार पर आगामी कुछ दिनों में तबादलों की सूची जारी हो सकती है।
बिना कारण हो गए तबादले
प्रारंभिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न के चलते प्रदेश में हजारों शिक्षकों के न चाहते हुए भी दूसरे स्कूलों में तबादले हो गए। कुछ जिलों में शहरी क्षेत्र के शिक्षकों को भी ग्रामीण स्कूलों का मुंह देखना पड़ा लेकिन बाद में सरकार के आदेश पर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में अधिशेष शिक्षकों को शहरी क्षेत्र के ही अन्य रिक्त पद वाले स्कूल में लगाया गया।
दो माह में तबादलों की झड़ी
प्रदेश सरकार ने तत्कालीन सरकार के समय बीच सत्र में शिक्षकों को इधर-उधर करने की परिपाटी का विरोध करते हुए छुट्टियों में ही शिक्षकों के तबादलों की बात कही थी लेकिन अब बताया जा रहा है कि अगस्त व सितम्बर माह में सैंकड़ों शिक्षकों के तबादले होने वाले हैं। इसमें प्रधानाचार्य से लेकर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी तक शामिल है।