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बीकानेर। जिला कलक्टर बीकानेर कुमार पाल गौतम के निर्देशानुसार बीकानेर में रेल्वे के इन्लेंड कंटेनर डिपो (ड्राईपोर्ट) बनाने के लिये जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक मंजू नैन गोदारा के नेतृत्व में मंडल रेल प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव से परिचर्चा की। जिला उद्योग संघ की इस पहल पर हुई इस सकारात्मक परिचर्चा में महाप्रबंधक मंजू नैन गोदारा ने बताया कि बीकानेर में रेल्वे के इन्लेंड कंटेनर डिपो खुल जाने से व्यापारी वर्ग के साथ साथ किसानों की आय भी दोगुनी होगी और किसान सीधे अपने माल का निर्यात बाहरी क्षेत्रों में कर पाएंगे और उनकी पैदावार का सही दाम मिल पायेगा। बीकानेर जिले में रेल्वे द्वारा इन्लेंड कंटेनर डिपो स्थापित हो जाने से बीकानेर जिला देश के मानचित्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखेगा और बेरोजगारों को रोजगार मुहेया हो सकेगा, निर्यात सुलभ होगा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों को मार्केट मिलेगा। बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष एवं डीआरयूसीसी सदस्य द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि बीकानेर जिला एशिया की वूलन मंडी के नाम से विख्यात है एवं पापड़, भुजिया, रसगुल्ला के उत्पादन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर की एक अनोखी पहचान है । वर्तमान में बीकानेर में कम से कम 9000 से 10000 कंटेनर का आयात निर्यात होता है जिसमे उन, गम पाऊडर/ गम, तिल, मूंगफली, क्ले, कारपेट, भुजिया पापड़ आदि का प्रमुखता से आयात निर्यात होता है । बीकानेर सम्भाग में रा-वूल, दालें, केमिकल्स का आयात किया जाता है और इस सम्भाग से वूलन कारपेट, ग्वार गम, केमिकल्स, जीरा, मैथी, फल व खाद्य उत्पाद, वूडन कलात्मक फर्नीचर उत्पादों का निर्यात किया जाता है । ड्राईपोर्ट बन जाने से आयात होने वाला माल भी ओधोगिक इकाइयों के दरवाजे पर आसानी से पोहोंच जाएगा तथा पूरे सम्भाग श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, चूरू इत्यादि के भी आयातक / निर्यातक इसका लाभ उठा सकेंगे और किशनगढ़, गुडगाँव, तुगलकाबाद की तरह यहाँ भी ड्राईपोर्ट सफलतापूर्वक चलता रहेगा। परिचर्चा में वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक जितेन्द्र मीणा, जेडआरयूसीसी सदस्य नरेश मित्तल, डीआरयूसीसी सदस्य अनंतवीर जैन आदि शामिल हुए।