बीकानेर। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने मुख्यमंत्री,शिक्षामंत्री, शिक्षा सचिव,मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर 9 मई को राज्य के विद्यालयो में अध्ययनरत विद्यार्थियों की बालसभा गांव की चौपाल अथवा सार्वजनिक स्थान पर करने के आदेश जारी करने के साथ ही प्रभारी अधिकारी के रूप में आगनबाड़ी कार्यकर्ता,एएनएम,कृषि पर्यवेक्षक पंचायत सहायक इत्यादि अनेक कनिष्ठ अधिकारियों क ो निरीक्षण के नाम पर लगाने तथा विभाग में कार्यरत हजारों राजपत्रित अधिकारियों की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लगाने पर विरोध जताया है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने ज्ञापन में अवगत करवाया है कि विद्यालय स्तर पर तृतीय श्रेणी अध्यापक से लेकर संस्था प्रधान उपलब्ध है तथा उन पर विश्वास न कर उक्त आयोजित बाल सभाओं में अध्यापकों से भी कम ग्रेड के कार्मिक क ी निरीक्षण के लिये नियुक्ति कर शिक्षकों के कार्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जा रहा है। वर्तमान में लगाये गये कई पर्यवेक्षक केवल मानदेय पर कार्य कर रहे है तो कुछ कम ग्रेड के अधिकारी है तथा शिक्षको से कनिष्ठ भी है जिनके पर्यवेक्षण में बाल सभाओं के आयोजन किये जाने के आदेश कर विभाग शिक्षको की गरिमा को कम करने का कार्य कर रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष आचार्य ने ज्ञापन में अवगत करवाया है कि विद्यालयों के निरीक्षण के लिए सरकार द्वारा हमेशा अन्य विभाग के अधिकारियो को जांच/पर्यवेक्षण के लिए लगाया जाता है परन्तु अन्य विभाग की जॉच के लिए शिक्षा अधिकारियो को क्यों नहीं लगाया जाता है।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने बाल सभाओं में कम ग्रेड पे एवं कम मानदेय वाले कनिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति जैसे शिक्षकंों की गरिमा एवं मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले आदेशो की क्रियान्विति पर तत्काल रोक लगाने तथा आवश्यक होने पर शिक्षा विभाग के कार्मिको को ही प्रभारी अधिकारी लगाये जाने की मांग सरकार एवं विभाग से की है।