>


– कॉलेज प्रशासन द्वारा लिखित में आदेश निकालने के बाद हुई वार्ता
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। छात्र-छात्राओं के हितों की मांग को लेकर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रामनिवास कूकणा के शक्ति प्रदर्शन के आगे कॉलेज प्रशासन को आखिरकार झुकना ही पड़ा। उक्त मांगों को मान लिया गया है। इसके बाद छात्र नेता मानें और अपना आंदोलन को समाप्त किया। जी हां, आज डूंगर महाविद्यालय में उक्त मांगों को लेकर जिलाध्यक्ष रामनिवास कूकणा के नेतृत्व में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। माहौल बिगड़ते देख अतिरिक्त जिला कलक्टर शैलेन्द्र देवड़ा, सीओ भोजराससिंह,पांच सीआई पहुंचे। इसके पश्चात एडीएम देवड़ा ने छात्र नेता कूकणा को समझाइश करते हुए शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी से बात की। भाटी से बात करने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी मांगे मान ली। मांगे मानने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

छात्र प्रतिनिधि मण्डल एवं प्राचार्य के मध्य हुई वार्ता, लिखित में जारी हुआ आदेश
छात्र प्रतिनिधि मण्डल एवं प्राचार्य के मध्य हुई वार्ता के पश्चात जाति प्रमाण पत्र के चलते हो रही असुविधा के निराकरण के लिए शपथ पत्र एवं ई-मित्रा की रसीद के साथ दस्तावेज सत्यापन का कार्य किया जा सकेगा, इसका लिखित में आदेश भी प्राचार्य द्वारा जारी किया गया है।

तिथि बढ़ाने का पूर्ण आश्वासन
इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर शैलेन्द्र देवड़ा ने महाविद्यालय पहुंचकर उच्च शिक्षा मंत्री से दुरभाष पर वार्ता की एवं छात्र प्रतिनिधि मण्डल से मिलकर दस्तावेज सत्यापन की अंतिम तिथि के दिन बाकी रहे विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर तिथि बढ़ाने का पूर्ण आश्वासन दिया।

रविवार को भी दस्तावेज सत्यापन कार्य होगा
जानकारी के मुताबिक रविवार को सत्यापन का कार्य महाविद्यालय में चालू रखने के प्राचार्य द्वारा लिखित में आदेश जारी करने के पशचात ही महाविद्यालय में चल रही तालाबंदी समाप्त की गई।

आंदोलन में यह थे शामिल
एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष इरफान कायमखानी, कृष्ण कुमार गोदारा, श्यामसिंह चारण, विनोद, अशोक आदि सैकड़ों में छात्र-छात्राएं शामिल थे।