अजमेर।  कोरोना संक्रमण का असर साल 2021 में होने वाली राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं पर पड़ता दिख रहा है। सत्र में विलम्ब को देखते हुए बोर्ड सिलेबस कम करने की तैयारी में है।>कोरोना संक्रमण के कारण सत्र 2020-21 की शुरुआत में विलंब हो चुका है। सरकारी और निजी स्कूल 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। ऐसे में अगले वर्ष परीक्षाएं मार्च में कराना राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के लिए आसान नहीं है। बोर्ड ने बीते जून में दसवीं-बारहवीं की बकाया परीक्षाएं कराने के बाद एक महीने में परिणाम घोषित किया था।
समिति की रिपोर्ट पर नजरें…समिति के फैसले व सरकार के दिशा निर्देशों के बाद बोर्ड कोई भी नीतिगत फैसला करेगा। पहले अध्यापन कार्य बंद होने व विद्यार्थियों को कई माह शिक्षण से वंचित रहने के कारण सत्रांत तक पाठ्यक्रम को पूरा कर पाना टेढ़ी खीर हो रहा है। इसके चलते बोर्ड प्रशासन ने भी सीबीएसई की तर्ज पर पाठ्यक्रम में कटौती की जानी है। बोर्ड प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया है। यह इस माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट बोर्ड प्रशासन को देगी।
तो परीक्षाएं समय पर…सत्र में विलंब के चलते बोर्ड के लिए परीक्षाएं मार्च में करान भी चुनौती है। लिहाजा बोर्ड को त्वरित फैसला लेना जरूरी होगा। यदि परीक्षाएं प्रतिवर्ष की भांति पूर्व निर्धारित तिथियों अनुसार कराई जाने पर पाठ्यक्रम में 25 से 50 प्रतिशत तक की कटौती की जरुरत पड़ सकती है।
उच्च शिक्षा मंत्री भाटी करेंगे नई शिक्षा नीति पर चर्चा
अजमेर. सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, कॉलेज शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को नई शिक्षा नीति 2020 एक मूल्यांकन विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया जाएगा।
>प्राचार्य डॉ. एम.एल. अग्रवाल ने बताया कि वेबिनार के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी होंगे। अध्यक्षता कॉलेज शिक्षा निदेशक संदेश नायक करेंगे। इस दौरान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्याल के प्रो. सचिदानन्द सिन्हा मुख्य वक्ता होंगे। वे भारत में उच्च शिक्षा के बदलते स्थापत्य की नई शिक्षा नीति के संदर्भ में चर्चा करेंगे