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– मामला दबाने की कोशिश
– गंभीर और संज्ञेय मामले को देखते एसएचओ को किया जा चुका है लाईन हाजिर, अब सरपंच के खिलाफ कब होगी कार्यवाही ?
– सुसाइड नोट में जसरासर सरपंच व जसरासर पुलिस थाने के एसएचओ पर परेशान करने का था आरोप
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। एसएचओ व सरपंच द्वारा परेशान करने की वजह से 35 वर्षीय शख्स द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामला अब तूल पकडऩे लगा है। आत्महत्या प्रकरण में आरोपी जसरासर सरपंच की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक प्रतिनिधि मण्डल ने एसपी प्रदीप मोहन शर्मा से मिला। प्रतिनिधि मण्डल ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी सरपंच को क्यों गिरफ्तार नहीं कर रही है? उन्होंने बताया कि मोर्चरी के सामने पुलिस ने भरोसा दिलाया कि शीघ्र आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी लेकिन आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं हुई है।
ज्ञात रहे कि मृतक युवक द्वारा लिखे सुसाइड नोट भी मिला था। इस सुसाइड नोट में सरासर सरपंच रामनिवास, एसएचओ गौरव खेडिय़ा का नाम सामने आया । मामला गंभीर और संज्ञेय देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एसएचओ गौरव खेडिय़ा को लाइन हाजिर कर चुकी है। वहीं जसरासर सरपंच रामनिवास पर अब तक कार्यवाही नहीं हुई है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संज्ञेय अपराध में जसरासर सरपंच रामनिवास का नाम आने के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी की जा रही है।

यह है पूरा मामला
बता दें कि जसरासर निवासी श्यामसुंदर पुत्र भंवरलाल बाना ने मंगलवार को जहर खा लिया था, जिसको परिजन पीबीएम अस्पताल लेकर आए, यहां आज दौराने इलाज मृत्यु हो गई। सुसाइड नोट में मृत्यु का कारण जसरासर सरपंच रामनिवास, एसएचओ गौरव खेडिय़ा व तीन-चार अन्य जनों के नाम भी है। जिसमें बताया कि ये सब लोग मिलकर परेशान करते थे, जिसके चलते उसने आत्महत्या करने का कदम उठाया है।