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बीकानेर। नौ माह पूर्व जिले की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर शहादत को नमन कार्यक्रम के तहत बनाई गई मानव श्रृ ंखला में भ्रष्टचार की आशंका जताई गई है। जिसको लेकर ऑल इंडिया क्राईम रिफॉर्म ऑर्गनाईजेशन के सदस्य रविन्द्र सारस्वत ने संयुक्त सचिव को पत्र लिखकर आवंटित राशि के आय-व्यय की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सारस्वत ने अवगत कराया कि 14 अगस्त 2018 को राज्य की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर शहादत को नमन कार्यक्र म का आयोजन किया गया। इसके लिये मानव श्रृंखला आर डी 1020 पर बनाने के लिये स्कूली-कॉलेजी विद्यार्थियों को यहां ले जाना तय हुआ। इसके लिये जिला कलक्टर को तीन करोड़ की राशि का आवंटन भी हु आ। किन्तु इतनी राशि इस आयोजन में खर्च नहीं हुई और आशंका है कि करोड़ों रूपये का गबन हुआ है।
जताया संदेह
उन्होंने संदेह जताया है कि इस दिन स्कू ली विद्यार्थियों और स्टॉफ का न तो पीने के लिये पानी की सुविधा मिली और न ही गर्मी के पर्याप्त व्यवस्था की गई। इसके अभाव में कई विद्यार्थी गस खाकर गिर पड़े। सारस्वत ने कहा कि मानव श्रृंखला में पहुंचे विद्यार्थियों को सीमा क्षेत्र दिखाने ओर हैलीकोप्टर से पुष्प वर्षा करने की बात कही गई। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
नहीं दे रहे जानकारी
सारस्वत ने अपने पत्र में लिखा है कि इस बारे में एक सितम्बर को सूचना के अधिकार के तहत अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय में सूचना मांगी गई। परन्तु यह सूचना जिला जन संपर्क अधिकारी कार्यालय को वांछित सूचना देने के निर्देश का पत्र मुझे सौंप दिया गया। आज तक पीआरओ कार्यालय में इस संदर्भ में कोई सूचना नहीं दी गई है। जो इस आशंका की पुष्टि करता दिख रहा है।
मदद मिली,फिर भी इतनी राशि खर्च
गौरतलब रहे कि इस आयोजन में स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ साथ व्यवासिक घरानों ने दिल खोलकर मदद की। जिसमें बीकाने उद्योग व्यापार मंडल ने बीकाजी ग्रुप के सहयोग से 37 हजार खाद्य सामग्री के पैकेट बांटे थे। जिसकी खबरें अगले दिन समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई। ऐसे में करोड़ों रूपये का खर्च आखिर हुआ कहां। जो जांच का विषय है।