खुलासा न्यूज़, जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में विशेष अदालत ने श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया। न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा (प्रथम) ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने जिन आरोपियों को दोषी करार दिया उनमें आरोपी मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुर्रहमान एवं सलमान खान शामिल हैं जबकि ओरापी शाहबाज हुसैन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।< शाहबाज पर ई मेल करने का आरोप था और वह धमाकों के दौरान जयपुर आया ही नहीं, इसलिए अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया । इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पांचों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। दोषी करार इन लोगों को सजा बाद में सुनाई जाएगी। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी, 185 लोग घायल हुए थे। मामले में लखनऊ और दिल्ली से कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। घटना के 11 साल 7 महीने और 5 दिन बाद मामले पर विशेष न्यायालय से फैसला सुनाया है। इस बीच 5 न्यायाधीशों ने सुनवाई की और 4 विशेष लोक अभियोजकों ने जयपुर का पक्ष रखा। न्यायालय में कुल 1293 गवाह पेश किए गए।< जयपुर पहुंचने पर सभी ने परिवर्तित हिंदू नामों से साइकिल खरीदी और विस्फोटक वाला बैग रखकर पहले से चिह्नित जगहों पर खड़ी करके विस्फोटक में टाइमर के सैल लगा दिए। फिर ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। राजस्थान एटीएस की पूछताछ में सैफ ने बताया कि उसने माणक चौक खंदा, बड़ा साजिद ने खंदा चूडीवाला, छोटा साजिद ने जौहरी बाजार और सलमान ने सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर साइकिल बम रखे थे। 21 जनवरी 2009 को मोहम्मद सरवर आजमी यूपी में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि चांदपोल हनुमान मंदिर के सामने उसने बम रखे थे। सैफूर्रहमान के एमपी में पकड़े के बाद 13 अप्रेल 2009 को एटीएस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने फूल वालों का खंदा छोटी चौपड़ पर बम रखना स्वीकार किया। दिल्ली में 23 नवंबर 2010 को पकड़ा गए सलमान ने सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के पास बम रखने की बात कही। उसने बताया कि करीब ढाई साल पहले जयपुर दस लोग आए थे। हनुमान मंदिर के पास प्याऊ व डाक के डिब्बे के बीच बम रखने की निशानदेही की थी ।