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बीकानेर। बीकानेर का इतिहासिक सूरसागर झील जो अब तक 8 से 10 करोड रुपए खा चुका उसके बावजूद भी सूरसागर झील में गंदे पानी की निकासी का किसी भी सरकार के पास कोई हल नहीं है आज भी बीकानेर शहर में थोड़ी सी अच्छी बरसात हो जाए तो सड़कों पर जमा पानी को सूरसागर झील में डालने के लिए बीकानेर प्रशासन मजबूर हो जाता है कई वर्षों से चली आ रही इस समस्या का आज तक कोई समाधान नहीं है आज भी थोड़ी सी वर्षा होने के पर बीकानेर सूरसागर झील में सड़कों का गंदा पानी झरने की तरह सूरसागर झील में बहने लगा। सूरसागर में बरसात का पानी पूरा शहर का आता है जिससे उसमें प्लास्टिक की थैलियोंं से भर जाता है उससे राहगिरों को बदबू का सामना करना पड़ता है।
एक बार फिर होंगे टेंडर

अगर देखा जाये तो सूरसागर नेताओं व अधिकारियों की जेबें भरने के लिए ही बना है इसका उदाहरण है पिछले साल आई बरसात से सूरसागर पूरा पानी से भर गया था व किनारों पर लगी जालियां टूट गई जिसके निर्माण में सरकार ने लाखों रुपये के टेंडर कर डाले लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार को थोड़ी से बरसात आने से शहर का पानी सूरसागर में गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कलक्टर का सफाई करवाने के दिये थे निर्देश
अब कुछ ही दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे बीकानेर आई तो लोगों ने उनके द्वारा सूरसागर का जो सौर्दय करण करवाया गया था उसकी हालात के बारे में फोटो सहित दिखाया तो महारानी का पार चढ़ गया और उन्होंने तुरंत कलेक्टर को फोन पर ही कह डाला कि आप क्या कर रहे हो सूरसागर की ये क्या हालात बन गये है इसको तुरंत सही करवाओं उन्होंने कलेक्टर के मोबाइल पर सूरसागर में जमी गंदगी की फोटो तक भेज डाली।
नेताओं के बल्ले बल्ले
अब एक बार फिर टेडर होगें करोडों रुपये की लागत से अधिकारी वे नेता अपनी जेबें भरेंगे।

विडियों सौजन्य राजेश छंगाणी