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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। प्रदेश के टॉप-10 हार्डकोर अपराधी में शामिल हथियार तस्कर अमीन से पूछताछ करने एसओजी और एटीएस की टीमें बीकानेर आर्इं है। कोटगेट थानाधिकारी धरम पूनिया भी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूछताछ में अमीन के किसी बड़े राज से पर्दा उठ सकता है। फरवरी से फरारी के बाद अमीन का यूपी, मध्यप्रदेश सहित गुजरात व राजस्थान के कई इलाकों में जाना पुलिस व जांच एजेंसियों के लिए पहेली बना हुआ है। ज्ञात रहे कि अमीन फरारी के बाद बड़ी मुश्किल से पुलिस के हत्थे चढ़ा था।

अभी बीकानेर पुलिस की जांच पूरी होगी कि श्रीगंगानगर पुलिस अमीन को लेकर चली जाएगी। विशेष सूत्रों का कहना है कि अमीन राज्य का टॉप हथियार तस्कर तो है ही, इसके अलावा एजेंसियों व पुलिस को अमीन के हाथ राष्ट्रीय-अन्र्तराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने का शक है। फिलहाल पुलिस जांच में आई बातें अभी उजागर नहीं कर रही है, लेकिन सूत्रों की माने तो अमीन से पूछताछ में कुछ बड़ा बाहर आने वाला है।

बेटे की बीमारी पर मिली थी पैरोल
बीकानेर के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने 28 जुलाई, 2018 को रामकिशन हत्याकांड में दिए फैसले में अमीन को आजीवन कारावास की सजा दी। इसके बाद अमीन श्रीगंगानगर जेल में सजा काट रहा था। इसी दौरान उसने अपने 12 साल के बेटे की

किडनी का इलाज करवाने के लिए पैरोल मांगी
जिला मजिस्ट्रेट ने अमीन को सात दिन की पैरोल स्वीकृत दी थी। पैरोल अवधि समाप्त होने पर 26 फरवरी को उसे वापस जेल पहुंचना था, लेकिन वह फरार हो गया। पुलिस ने अमीन के साथ उसकी जमानत देने पर पत्नी मेहरुनिसा और फड़बाजार निवासी देवेन्द्र भाटी के खिलाफ श्रीगंगानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया। अमीन के खिलाफ कुल 57 मामले दर्ज हैं।

हथियार तस्करी का बड़ा नेटवर्क
हथियार तस्कर अमीन का राजस्थान के अलावा यूपी, एमपी और झारखंड में भी हथियार तस्करी का नेटवर्क रहा है। वहां से हथियार लाकर बीकानेर, जोधपुर, नागौर, जैसलमेर, चूरू, सीकर, जयपुर सहित कई जगह बेचता रहा है।

40 हजार का इनाम
हार्डकोर अपराधी अमीन पर पुलिस मुख्यालय ने 40 हजार रुपए, बीकानेर रेंज आइजी ने 10 हजार और पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

लोडेड थी पिस्तौल
दबिश देने वाली टीम में शामिल अधिकारी ने बताया कि अमीन मकान के एक कमरे में बैठा था। पुलिस ने दबिश दी, तब उसके पास लोडेड पिस्तौल थी। उसने पुलिस कार्रवाई का विरोध नहीं किया और सरेंडर कर दिया।