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बीकानेर। हमें अपनों ने लूटा गैरो में कहां दम था कसती वहां जा डूबी जहां पानी का बहाव कम था। कुछ ऐसे ही हालातों के शिकार हुए है जोधपुर बासनी के थानाधिकारी संजय बोथरा। जिनकी लोकप्रियता और प्रसिद्वि अपनों के लिये ही कांटे बनने लगी और एक पडयंत्र का शिकार बन गए। लेकिन खुलासा को मिली जानकारी के अनुसार संजय बोथरा के जिस घर की तलाशी ली गई। वो घर बोथरा का नहीं था,बल्कि बोथरा बासनी में एक किराए के मकान में रह रहे है। यहीं नहीं एसीबी को बोथरा के नाम से बासनी में कोई फैक्ट्री के दस्तावेज हाथ लगे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट में संजय बोथरा का नाम ही नहंी है। उस रिपोर्ट में आरोपी थानेदार गजेन्द्र सिंह व हैड कास्टेबल तेजाराम के अलावा अन्य का जिक्र किया गया है। लेकिन संजय बोथरा का नाम उल्लेखित नहीं है। परिवार जनों ने बताया कि उनका जेवरात का काम उनका खानदानी काम है। जो बोथरा के पुलिस सेवा में आने से पहले से ही चल रहा है। इन बातों को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि संजय बोथरा को उन्हीं के अधीनस्थ व उनको न चाहने वाले उच्चाधिकारियों की साजिश का खामियाजा भुगतना पड़ा है।