शाहपुरा के कैलाश मंडेला को प्रथम पुरस्कार, 3 संस्मरण नगद पुरस्कार एवं 2 राजस्थली क्लब हेतु चयनित
बीकानेर । लोक चेतना की राजस्थानी तिमाही ‘राजस्थलीÓ के प्रकाशन के 42 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रिका द्वारा भाषा, साहित्य, संस्कृति और शिक्षण के पुरोधा पंडित की स्मृति में आयोजित ‘श्री भीष्मदेव राजपुरोहित राजस्थानी संस्मरण प्रतियोगिताÓ का परिणाम आज घोषित कर दिया गया । प्रतियोगिता के नतीजे घोषित करते हुए राजस्थली के संपादक श्याम महर्षि ने बताया कि प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों की े संवीक्षा के बाद शाहपुरा के डॉ. कैलाष मंडेला का ‘वाह रे म्हारा बेटा हरिश्चन्दरÓ ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है । परिणामों की जानकारी देते हुए प्रतियोगिता के संयोजक रवि पुरोहित ने बताया कि रामगढ़ के पूर्ण शर्मा पूरण के संस्मरण ‘दूजो चैरोÓ को द्वितीय और जयपुर की सरोज देवल बीठू की ‘हिचकी भरी ओळूंÓ को तृतीय पुरस्कार घोषित किया गया है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले संस्मरणकारों को क्रमश: 3100, 2100 एवं 1100 रुपये के नगद पुरस्कारों से समादृत किया जाएगा । रामरतन लटियाल, मेड़ता के ‘अेक रीपिया रो मोलÓ और डॉ. रेणुका व्यास ‘नीलमÓ, बीकानेर के संस्मरण ‘धरती रो सुरगÓ को अन्य प्रशंसित संस्मरणों के रूप में चयनित किया गया है, जिन्हें राजस्थली क्लब में शामिल किया गया है और इन्हें 5 वर्ष की निशुल्क सदस्यता प्रदान की जाएगी । पंडित भीष्मदेव राजपुरोहित की स्मृति में आयोजित इस प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेताओं को उपस्थिति पर जनवरी, 2020 में आयोज्य समारोह में श्रीडूंगरगढ में पुरस्कृत किया जाएगा।