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खुलासा न्यूज, श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के उदासर गांव की किसान महिला परमादेवी बनी शक्ति स्वरूपा ओर उन्होंने मासूम हरिण का शिकार करने वाले शिकारियों को धर पकड़वाया। राजस्थान की धरती ने ममता व वीरता व्रत पर खरा उतरने वाली महिलाओं को जन्म दिया है। आज वन विभाग, पुलिस महकमा, ग्रामीण महिला की हिम्मत की दाद दे रहा है। मामल ये हुआ कि गांव उासर की रोही में परमादेवी अपनी बेटी के साथ अपने खेत के पड़ोस में बारानी भूमि पर अपने पालतू पशुओं को चरा रही थी। तभी उन्होंने वहां दो लोगों को बंदूकों के साथ घूमते देखा तो निडरता के साथ उनसे पूछा कि बंदूक का क्या करेंगे, इस पर दोनों जने सकपका गए एवं आस-पास के खेतों की सुरक्षा का काम करने का बहना बनाया। इस समय तो परमादेवी ने गौर नहीं किया लेकिन अपने पशुओं के साथ वह थोड़ृी देर पहुंची तो वहां मृत हरिण के शव को देखा तो परमादेवी का दिमाग ठनका। ऐसी स्थितियों में सामान्यता महिलाएं घबरा जाती है लेकिन परमादेवी ने हिम्मत रखी व तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद पुलिस पहुंचे तो उन्होंने परमादेवी को हरिण की मृत देह की सुरक्षा करते पाया व परमादेवी की हिम्मत की दाद दी। पुलिस व व विभाग की टीमों ने शिकारियों को राउंडअप कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने टोपीदार बंदूकें, बारूद, जाल, तराजू, आदि सामान जप्त किया है। साथ ही पुलिस ने आरोपित शिकारी रामसिंह व धर्मेन्द्र बावरी को गिरफ्तार किया।