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श्री डूगरगढ। मणकरासर के अंदर 214 घरों को प्रशासन ने बेघर करने के लिए नोटिस दिए जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना एंव इंदिरा आवास योजना के तहत भी मकान बने हुए थे लेकिन फिर भी इनको नोटिस देकर बेघर करना कहां का न्याय है इस संकट की घड़ी में मणकरासर के ग्रामीणों के बीच उनका हाल जान ने पहुँचे जन नेता ताराचंद सारस्वत को लोगों ने अपनी व्यथा बताई ! सारस्वत ने इस मामले में तुरन्त संज्ञान लेते हुवे कहा की अगर कुछ बिचौलिये लोग प्रशासन के साथ साठ-गांठ करके जनता के साथ ऐसी अनीति कर रहे है तो प्रदेश की सरकार क्या वास्तव में ही बहरी हो गई?? सारस्वत ने पीड़ित परिवारों को मजबूती रखने एंव कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े रहकर अन्याय के ख़िलाफ़ न्याय की इस लड़ाई में डटकर मुकाबला करने एंव उनके हक़ को वापिस दिलाने में पूर्ण सहयोग की बात कही !
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इन गांवों को सैना द्वारा अवाप्त किया जा रहा था उस समय भी ताराचंद सारस्वत ने इन गांवों को बेघर होने से बचाया था इसकी चर्चा ग्रामीणों में सदैव होती रहती है ।आज अनेक ग्रामीणों ने पानी की समस्या की बात भी रखी ताराचंद सारस्वत ने जनता के बीच से ही उच्च अधिकारियों से मौके पर बात करके पानी की समस्या का निस्तारण करवाने का कहा जिसमें अधिकारियों ने समस्या का निवारण जल्द ही करने की बात कही ।