खुलासा न्यूज़, सीकर। राजस्थान के सीकर के मावंडा खुर्द में एक युवती के दो टुकड़ों में मिले शव ने कस्बे में सनसनी व पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती सपना खटीक का तीन दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। परिजनों की मांग है कि पहले नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिवार में तीन दिन से चूल्हा भी नहीं जला है। उधर, मामले में कार्रवाई की बजाय रास्ता रोककर प्रदर्शन करने वाले मृतका के भाई के खिलाफ ही पुलिस में मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आई है। ऐसे में पूरा मामला संदिग्ध होता जा रहा है। बतादें कि गांव के कुएं में शुक्रवार को सपना का धड़ मिला था। इसके बाद रविवार को उसका सिर भी मिल गया। हालांकि युवती के भाई रणजीत का कहना है अभी तक सिर उनको पुलिस ने नहीं दिखाया गया है ।
बतादें कि सपना 23 नवंबर को घर से गायब हुई थी। जिसकी परिजनों ने अगले ही दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। लेकिन, सपना का कोई पता नहीं चला। मामले में परिजनों व ग्रामीणों ने आदंोलन भी किया। इसके बाद शुक्रवार को एक कुए में उसका धड़ मिला। रविवार को गहनता से जांच में उसका सिर भी मिल गया। इसके लिए नीमकाथाना सदर थानाधिकारी पुलिस दल के साथ पहुंच कर पहले पंप सेट कि मदद से कुए का पानी खाली किया गया। उसके बाद कुए में रस्सी कि मदद से एक व्यक्ति को उतारा गया। जो सिर लेकर वापस लौटा। पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर शव के साथ नीमकाथाना राजकीय चिकित्सालय कि मोर्चरी में उसे रखवा दिया। लेकिन, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव के पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। मामले में मृतका के परिजनों ने सदरथाना कांस्टेबल राम सिंह ,सरपंच विनोद कुमार जाखड़ व गांव के नरेश खटीक के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। आरोप है कि पुलिस के आलाधिकारी ही मामले को रफा दफा करने में जुटे हैं। न्याय की मांग कर रहे लोगों को अपराधिक तत्व धमकियां भी दे रहे हैं।