महाजन। रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन के मामले में प्रर्वतन निदेशालय जयपुर की ओर से आरोपी जयप्रकाश बागड़वा की अर्जुनसर में सीज की गई संपत्ति को पुलिस ने जांच में किसी अन्य की मानी है। इस संपति पर सरपंच मघाराम मारोठिया ने दावा करते हुवे न्यायालय के समक्ष वाड्रा मामले के आरोपी जयप्रकाश सहित कई जनो पर फर्जी कागजात से तहसील में पंजीयन कराने के आरोप लगाए थे। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने जांच में आरोपी जयप्रकाश के साथ तत्कालीन नायब तहसीलदार, तत्कालीन सरपंच आदि को फर्जीवाड़ा के दोषि माने है। यह जांच रिपोर्ट लूणकरणसर न्यायालय के समक्ष पेश की गई है । सरपंच मघाराम ने परिवाद में अवगत करवाया था कि नेशनल हाइवे 15 पर अर्जुनसर में उसकी 6 दुकानो सहित भूखण्ड का शंकरलाल, गिरधारीलाल के साथ विवाद चल रहा था।

जोधपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर लूणकरणसर तहसील प्रशासन ने 4 मार्च 2013 को यह भूखण्ड आदि सम्पति मघाराम को सौंपी थी। गत 18 अप्रेल 2019 को प्रर्वतन निदेशालय ने इस 2250 वर्गफीट के भूखण्ड सहित निर्मित संपति को अपने कब्जे में लेते हुए सरकारी बोर्ड लगा दिया था। तब मघाराम को फर्जीवाड़ा से उसकी संपत्ति को जयप्रकाश बांगड़वा के नाम की होने का पता चला।सरपंच मघाराम ने न्यायालय में तत्कालीन नायब तहसीलदार मित्तल व जयप्रकाश बांगड़वा के खिलाफ परिवाद पेश की। न्यायालय ने महाजन पुलिस को जांच सौंपी। जांच अधिकारी ईशवर सिंह के जांच रिपोर्ट में कहा कि मामले की बारीकी से जांच कर सभी तथ्य जुटाए। इसमे जयप्रकाश बांगड़वा, रणजीतसिंह, तत्कालीन रामबाग सरपंच रामेश्वर, तत्कालीन नायब तहसीलदार जयदीप मित्तल के खिलाफ जुर्म धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी में प्रमाणित होना पाया गया है। महाजन थानाधिकारी ईश्वरसिंह ने जांच रिपोर्ट लूणकरणसर न्ययालय में प्रस्तुत कर दी हैबांगड़वा व तत्कालीन नायब तहसीलदार मित्तल फर्जीवाड़े के दोषी