>


बीकानेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम की ओर से सारथी योजना में लगी बस का शिड्यूल यथावत रखने की एवज में 18 हजार रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार अनूपगढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक अब्दुल कलाम व रोडवेज परिचालक रामस्वरूप को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एसीबी अधिकारी मामले में अनुसंधान कर रहे हैं।ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र ढिंढारिया ने बताया कि 12 केएम निवासी अरविंद कुमार ने पुुत्र गोपी राम ने शिकायत दर्ज करवाई कि उसने पिछले 14 माह से शिड्यूल 54-55 अनूपगढ़-घड़साना- खाजूवाला-अनूपगढ़- श्रीगंगानगर-रुट पर ठेके पर बस ले रखी है। पिछले माह इस रुट पर चेकिंग नोट लग गया था। जिस वजह से उसे इस बार बस का यह रूट मिलने की सम्भावना नहीं थी। इस दौरान परिचालक रामस्वरुप भांभू ने उसे आगार प्रंबधक से बात कर बस को शिड्यूल 54-55 में यथावत दिलाने की बात कर 20,000 की रिश्वत मांगी थी।अरविंद कुमार ने 29 अगस्त को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक कार्यालय में की थी। शनिवार को ब्यूरो की टीम ने रायसिंहनगर बस स्टैंड पर वार्ड नंबर पंद्रह रायसिंहनगर निवासी रोडवेज परिचालक भाम्भू को 18000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। परिचालक रामस्वरुप ने आगार प्रबंधक अब्दुल कलाम फारुकी के लिए रिश्वत की मांग की थी। इसको लेकर आगार प्रबंधक भी जांच के घेरे मेें आया। आगार प्रबंधक को एसीबी अधिकारियों ने अविलंब पहुंचने के लिए फोन किया था।
अधिकारी ने खुद को जयपुर बताया था लेकिन फोन के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके लिए रविवार को एसीबी की एक टीम अधिकारी को तलब करने के लिए जयपुर भेजी गई थी। ब्यूरो की टीम ने रविवार को ही आरोपी परिचालक रामस्वरूप को अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया था। सोमवार को आरोपी रामस्वरूप को अदालत में पेश कर फिर से एक दिन के रिमांड पर लिया। वहीं एक टीम आगार प्रबंधक अब्दुल कलाम फारुकी को तलब करने के लिए अनूपगढ़ भेजी गई।
जहां आगार प्रबंधक अब्दुल कलाम फारुखी को कार्यालय के पास घूमते हुए जांच के लिए लाया गया और बाद में एसीबी कार्यालय में जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच-पडताल के बाद एसीबी अधिकारियों ने मंगलवार को अनूपगढ़ आगार प्रबंधक अब्दुल कलाम फारुखी व रोडवेज परिचालक रामस्वरूप को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों आरोपियों को 13 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।