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जयपुर। पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रोहित तिवारी और उसके साथी सौरभ चौधरी को प्रताप नगर थाना पुलिस ने महानगर मजिस्ट्रेट की न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने रोहित और सौरभ से साजिश की जगह सहित अन्य पूछताछ के लिए सात दिन का रिमांड मांगा। जिस पर रोहित के वकील ने विरोध किया। जिसके बाद न्यायालय ने रोहित और सौरभ को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। इसी के साथ पुलिस कस्टडी में होने के बाद भी रोहित का मोबाइल स्टेटस अपडेट होने की बात न्यायालय के सामने आई। प्रताप नगर के अपार्टमेंट में पत्नी श्वेता और 21 माह के बेटे श्रियम की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रोहित तिवारी और सौरभ चौधरी ने न्यायालय में पेश किया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगा। पुलिस ने अब तक दोनों को हत्यारा बताते हुए साजिश की जानकारी, जगह सहित अन्य पूछताछ के लिए सात दिन का रिमांड मांगा। महानगर मजिस्ट्रेट ने दोनों को दो दिन का पुलिस रिमांड दिया है

रोहित के वकील ने पुलिस पर उठाए सवाल
हत्या के आरोप में गिरफ्तार रोहित के वकील दीपक चौहान ने न्यायालय से घटना के बाद से गिरफ्तारी दिखाने तक की अवधि को रिकार्ड पर लेने की गुहार की। इसी के साथ तय समय में आरोपियों को न्यायालय में पेश नहीं करने की जानकारी दी।

साइबर एक्सपर्ट से हो जांच
आरोपियों के वकील ने लिखित में न्यायालय को बताया कि रोहित का मोबाइल और सिम पुलिस की कस्टडी में है। इसके बाद भी शनिवार को सुबह करीब सवा ग्यारह बजे मोबाइल का स्टेटस बदला गया और उसमें एक पेपर की कटिंग लगाई गई है। वकील ने पुलिस पर मिथ्या साक्ष्य बनाने के आरोप लगाते हुए साइबर एक्सपर्ट से इसकी जांच करवाने की मांग की है।

कोर्ट की मंजूरी के बाद पिता से मिला आरोपी रोहित
कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर कहा कि उसे पिता व जीजा से मिलने दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने आरोपी को पिता व जीजा से मिलने की मंजूरी दी।