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जयपुर। राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदाकर्मियों को नियमित करने की कवायद तेज कर दी है। इस संबंध में प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर श्रीवास्तव ने मंगलवार को सचिवालय में एक बैठक ली और सभी विभागों को वर्गीकृत जानकारी 10 में भेजने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार सभी विभाग से पूरी जानकारी मिलने के बाद ही संविदाकर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया तय हो सकेगी।
कमेटी की अगली बैठक 30 मई को
विधानसभा चुनाव के लिए जारी जनघोषणा पत्र में संविदाकर्मियों को नियमित करने का वादा किया था। एक जनवरी, 2019 को हुई कैबिनेट की बैठक में इस कार्य के लिए ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला की अध्यक्षता में एक मंत्री स्तरीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी की पहली बैठक आठ जनवरी को हुई थी। कमेटी ने एसीएस प्रशासनिक सुधार विभाग की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय कमेटी गठित कर सभी विभाग में कार्यरत संविदाकर्मियों से संबंधित समस्त जानकारी 15 दिन में मंगवाने के निर्देश दिए थे। कमेटी की अगली बैठक 30 मई को होगी।
अब तक 18 विभागों ने दी जानकारी
एसीएस रविशंकर श्रीवास्तव की बैठक में पता चला कि अब तक केवल 18 विभाग ही यह जानकारी दे पाए हैं। 20 विभागों ने अपने यहां एक भी संविदाकर्मी नहीं होने की जानकारी दी है। बैठक में कार्मिक विभाग की प्रमुख सचिव रोली सिंह, अल्पसंख्यक मामलात विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा अरोड़ा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आर वेंकटेश्वरन और आईसीडीएस निदेशक सुषमा अरोड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विभागों को देनी होगी ये जानकारी
विभाग वर्गीकृत जानकारी कराएं उपलब्ध।
-कार्यरत संविदा कर्मचारियों की संख्या।
-प्लेसमेंट ऐजेंसी व ठेकेदार के जरिए नियुक्त कर्मचारियों की संख्या।
-संविदाकर्मियों के काम करने की अवधि।
-अदालत में मुकदमा लंबित है, तो उसकी वर्तमान स्थिति, कोर्ट में रखे सरकारी पक्ष सहित।
-अलग-अलग प्रकृति के संविदा कर्मियों को नियमित करने के तरीके व प्रक्रिया क्या है?