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बीकानेर ।  राजस्थान के निर्माण का कार्य जितना जटिल था उतना ही पेचीदगियों से युक्त भी रहा था।  यह कहना था, इतिहासकार प्रो. शिव कुमार भनोत का जो आज डूंगर काॅलेज इतिहास विभाग के द्वारा आयोजित स्व. नरपत सिंह राजवी स्मृति व्याख्यान माला तथा छात्रवृति समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।  अपने भाषण में प्रो. भनोत ने कूल दस्तावेजों का संदर्भ देते हुए राजस्थान के निर्माण की प्रक्रिया के विविध सोपानों का विश्लेषणात्मक विवेचन प्रस्तुत किया तथा कई ऐतिहासिक विसंगतियों तथा भ्रान्तियों का निराकरण भी किया। उन्होनें राजस्थान निर्माण के क्रम में सामने आई जटिलताओं एवं पेचीदगियों का शोधपरक विवेचन करते हुए कई अनुछुए ऐतिहासिक तथ्यों से सभी को अवगत भी कराया।
इस अवसर पर बोलते हुए विशिष्ट अतिथि डाॅ. धर्मचन्द जैन ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में बीकानेर के लोगों की भूमिका को स्मरण किया।  प्राचार्य डाॅ. सतीश कौशिक ने काॅलेज के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला।  इतिहास विभागाध्यक्ष डाॅ.चन्द्रशेखर कच्छावा ने स्व. नरपत सिंह राजवी के स्मृति के आलोक में व्याख्यान माला आयोजन व छात्रवृति वितरण कार्ययोजना के लिये आभार जताया।  इस समारोह में काॅलेज की हर कक्षा में इतिहास विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता विद्यार्थियों- गणेशाराम, विष्णु-सीगड़, पूजा चैधरी, संगीता विश्नोई तथा राजेश कुमारी को छात्रवृति राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।  समारोह के विशिष्ट अतिथि बीएसएफ के पूर्व कमाण्डेन्ट कानसिंह ने अपनी तरफ से छात्रवृति की राशि को दुगुना करने की घोषणा की।  कार्यक्रम का संयोजन डाॅ. राजेन्द्र राजपुरोहित ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. सुखाराम ने किया।