राजस्थान:मरूधरा में 87 सरपंच पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. सरपंचों के साथ साथ पूर्व सरपंच, पंच, पूर्व पंच, वार्ड पंच भी चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किए गए है.
हनुमानगढ़/जयपुर:
राजस्थान में अगले महीने तीन चरणों में पंचायत चुनाव होगे. लेकिन इससे पहले गांव सरकार के मौजूदा सरपंचों को बड़ा झटका लगा है. मरूधरा में 87 सरपंच पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. फर्जीवाड़ा और भष्ट्राचार में लिप्त इन सरपंचों पर कई धाराओं में मुकदमे दर्ज है. सरपंचों के साथ साथ पूर्व सरपंच, पंच, पूर्व पंच, वार्ड पंच भी चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किए गए है. पंचायतीराज विभाग ने गांव को लूटने वाले सरपंचों की सूची तैयार की है. अब वे पंचायत चुनाव लडने के लिए 5 साल तक आयोग्य ठहरा दिए गए है.
सरपंचों की सबसे ज्यादा लूट जयपुर संभाग में
सात संभागों में सबसे ज्यादा 40 मौजूदा सरपंच जयपुर से है, जो इस बार का पंचायतीराज चुनाव लड़ ही नहीं सकते. गांव में फर्जीवाडा करने के मामले मे जोधपुर के सरपंच दूसरे स्थान पर है. जोधपुर में 26 सरपंच इस बार अपनी किस्मत नहीं आजमा पाएंगे. तीसरे नंबर पर उदयपुर संभाग आता है. उदयपुर में 15 सरपंच पंचायत चुनाव में अपनी पारी आगे नहीं बढ़ा पाएंगे. इसके अलावा भरतपुर 4 और कोटा में 2 सरपंच अगले 5 साल तक चुनाव नहीं लड पाएंगे. अजमेर और बीकानेर संभाग के सरपंचों ने ईमानदारी से काम किया.दोनों संभागों में किसी भी सरपंच के खिलाफ फर्जीवाडा या भष्ट्राचार की गंभीर शिकायत नहीं आई. अब जिला प्रशासन पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गए है.
469 पूर्व सरपंच नहीं आजमा पाएंगे अपनी किस्मत
मौजूदा सरपंचों के साथ 469 पूर्व सरपंच भी अपनी किस्मत नहीं आजमा पाएंगे. जिसमें जयपुर संभाग के 175, अजमेर में 132, जोधपुर में 66, बीकानेर 60, कोटा 24, उदयपुर 4, भरतपुर के 8 पूर्व सरपंच चुनाव नहीं लड पाएंगे.
213 पंच,पूर्व पंच और वार्ड पंचों को भी झटका
इसके अलावा 213 मौजूदा पंच,पूर्व पंच और वार्ड पंचों पर सरकार ने शिकंजा कस लिया है. जिसमें जयपुर संभाग से 89, अजमेर से 38, जोधपुर 26, बीकानेर में 24, कोटा में 12, उदयपुर में 15, भरतपुर में 9 पंच, पूर्व पंच और वार्ड पंच चुनाव के लिए अयोग्य है.