मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप कांड के बाद गिरफ्त में आई सुंदरियों को इंदौर की जिला जेल में रखा गया है. ऐसे में बुधवार सुबह एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद आनन-फानन ने राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए डीआईजी जेल को इंदौर भेजाबुधवार शाम को इंदौर पहुंचने के बाद डीआईजी जेल संजय पांडे ने जांच की बात की थी. इसी तारतम्य में गुरुवार सुबह जेल में छापा डाला. इंदौर की जिला जेल के जेलर केके कुलश्रेष्ठ और हनी ट्रैप की आरोपी श्वेता विजय जैन के बीच बातचीत का एक फोटो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. भोपाल मुख्यालय ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद जांच के लिए भोपाल से आए डीआईजी संजय पांडे ने गुरुवार सुबह दो बार जेल का दौरा किया.इंदौर की जिला जेल में तड़के सुबह 5 बजे डीआईजी अपने साथ पुलिस बल लेकर पहुंचे. उन्होंने जेल के बाहर ही खड़े होकर जेल का गेट खोलने को कहा, इसके बाद जेल में अफरा-तफरी की स्थित बन गई.डीआईजी ने सभी के मोबाइल बंद करवा दिए या तो बाहर रखवा दिए. जेल पहुंचे डीआईजी ने सबसे पहले महिला बैरक सहित अन्य संवेदनशील वार्डों का निरीक्षण किया है. उन्होंने कहा कि जेल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल, हिडन कैमरे लेकर जाना प्रतिबंधित है, ऐसे में मोबाइल से फोटो, वीडियो बनाना गंभीर अपराध है. हम यह जांच कर रहे हैं कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जेल के भीतर कैसे आया? प्रारंभिक जांच में पूरे मामले में किसी स्टाफ की संलिप्तता की बात सामने आई है. डीआईजी के अनुसार, जांच में महिला बैरक में कुछ सामान मिला है, हालांकि इसमें कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है. इसमें सन स्क्रीन, मूंगफली के दाने, शैंपू पाउच शामिल हैं. शैंपू पाउच को लेकर कहा कि डॉक्टर ने महिलाओं को बाल धोने के लिए कहा है. महिलाओं के पास एक-दो, एक-दो पाउच मिले, यह जेल प्रशासन ने ही इन्हें दिए हैं.वहीं, सनस्क्रीन को लेकर कहा कि एक महिला को स्किन की समस्या है, इसलिए डॉक्टर ने उसे यह लिखी है. उन्होंने कहा कि जेल बड़ा होने से महिला बल से महिला वार्ड की तलाशी करवाई गई. इसके अलावा अति संवेदनशील वार्ड को भी जांचा गया.बता दें कि जेलर और श्वेता का जो फोटो सामने आया इसके बाद जेलर पर ऐसे आरोप लगने लगे की वे हनी ट्रैप की आरोपियों को वीआईपी सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं.