अब बिना खाद्य लाइसेंस नहीं बिकेगी शराब
बीकानेर।
अब बिना खाद्य लाइसेंस के शराब परोसना ठेका संचालकों को भारी पड़ेगा। अगर शराब संचालकों ने लाइसेंस नहीं लिया तो जुर्माना लगने के साथ साथ सजा का प्रावधान भी तय किया गया है। शराब ठेके फूड सेफ्टी एक्ट के दायरे में आ गए हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर हर माह शराब ठेके से सैंपल लेंगे और इनमें अल्कोहल की मात्रा नापेंगे। शराब में मिलावट मिली तो ठेकेदार जेल जाएंगे। दुकान में स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा। जिले में लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।खाद्य विभाग ने आबकारी विभाग से जिले में संचालित शराब की सभी दुकानों की सूची पते सहित मांगी है। अभी आबकारी विभाग ने भले ही ठेकेदारों को शराब बेचने के लिए हरी झंडी दे दी हो लेकिन फूड सेफ्टी एंड अथॉरिटी ऑफ इंडिया एफएसएसएआई की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ठेकेदार बिना लाइसेंस शराब नहीं बेच सकेंगे। खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के लिए जिन ठेकेदारों का प्रति वर्ष 12 लाख रूपए से अधिक का टर्न ओवर है उन्हें 2000 प्रति वर्ष मूल्य की राशी का लाइसेंस बनवाना होगा।
कलर कोड का प्रावधान
इसके लिये कलर कोड का प्रावधान निर्धारित किया गया है। होटल रेस्टोरेंट में पर्पल कलर तय किया गया है। इन्ही कलर कोड के आधार पर बोर्ड भी प्रदर्शित करने पड़ेगे।
सजा का प्रावधान
स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी ऑफिसर शराब ठेकों पर नमूने के लिए पहुंचेंगे। इसके लिए टारगेट निर्धारित किए जाएंगे। वे ब्रांड वाइज शराब के सैंपल उठाएंगे। इसके बाद जांच के लिए जयपुर भिजवाया जाएगा। वहां पर इथाइल एल्कोहल की मात्रा में हेराफेरी या दूसरी मिलावट पाई गई तो ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में जुर्माना, पेनल्टी और जेल का प्रावधान है। शराब के नमूने जांच में अमानक मिले तो संबंधित कंपनी और विक्रेता को तीन से सात साल की सजा तक हो सकती है। नमूने में कुछ तत्व मृत्युकारक मिले तो निर्माता से लेकर बिक्री करने वाले तक को आजीवन कारावास का प्रावधान है।
ये हैं नियम
एफएसएसएआई के विशेष स्वच्छता नियमों से संबंधित बोर्ड का प्रदर्शन लाइसेंस संख्या के साथ प्रतिष्ठान में करना होगा।

  • परिसर को साफ रखना होगा। शराब या बीयर की प्रत्यैक बोतल पर लाइसेंस नंबर जरूरी है।
  • शराब रखने के स्थान को साफ और संक्रमण से दूर रखा जाए।
  • शराब की बोतल और केन को शोकेस में सीधे धूप के सामने नहीं रखें।
  • बोतल और केन की सील सही स्थिति में हो। स्टोर में किसी प्रकार का पेस्ट कंट्रोल नहीं किया जाए।
  • साफ और प्रोटेक्टिव कपड़े पहनें।
    साफ-सफाई का रखना होगा ध्यान
    शराब विक्रेताओं को अब खाद्य सुरक्षा लाइसेंस बनवाना होगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित फीस चुकानी होगी। साथ ही शराब ठेकों पर खाद्य सुरक्षा लाइसेंस का प्रदर्शन कर साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखना होगा। महबूब अली,खाद्य सुरक्षा अधिकारी